महान छठ व्रत मैं लाखों की भीड़ वर्षों का रिकॉर्ड टूटा समाजसेवियों एवं पुलिस प्रशासन ने जमकर सक्रियता निभाई


 


 रिपोर्ट ;- वारिस अली /गौतम शर्मा ,मो० तस्लीम 

डेहरी /रोहतास 

रोहतास जिले के शहर एवं ग्रामीण क्षेत्र खासकर डेहरी आन सोन में महान छठ व्रत का त्यौहार इस बार अपरंपार भीड़ एवं उल्लास के साथ मनाया जा रहा है  विगत 2 वर्षों तक कोविड-19 के कारण लोगों ने त्यौहार को उल्लास पूर्वक नहीं मनाया था जिसका परिणाम है कि इस बार  त्यौहार काफी उत्साह एवं उल्लास के रूप में लोग मना रहे हैं महंगाई आसमान छू रहा है इसके बावजूद भी लोग  विश्वास के साथ महान छठ व्रत का त्यौहार अपने इष्ट मित्र रिश्तेदारों के उपस्थिति में खुशी के साथ मनाते हुए दिखाई दिए डेहरी अनुमंडल के सोन नदी के कई घाटों पर दौरा करने के बाद देखा गया कि परंपरागत ढंग से त्योहार  आस्था के साथ हजारों की संख्या में लोग  मना रहे हैं किंतु पतंग उड़ाते हुए या उड़ते हुए किसी ने नहीं देखा पता नहीं क्यों इस बार पतंग को लोग भूल गए इसके बावजूद भी त्योहार का आनंद लोगों ने भरपूर उठाया छठ व्रत यह सिर्फ व्रत नही बल्कि  बिहार की परम्परा है जिसे पीढ़ी दर पीढ़ी मनाया जाता है।बिहार का पुण्यदायक पर्व छठ व्रत घर-घर प्रिय हो चुका है

पुत्र की कामना एवं परम सौभाग्य की प्राप्ति के लिए प्रसिद्ध परम पुण्यदायक छठ का यह पर्व कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्टी को बड़े ही श्रद्धा पूर्वक एवं मनोयोग से निर्जला रहा जाता है। दुनिया का इकलौता ऐसा पावन पर्व जिसकी महत्ता दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। ये पर्व हिंदुस्तान ,मलेशिया के अलावे लंदन,अमेरिका में भी बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है ये छठ पूजा जरुरी है हम-आप सभी के लिए जो अपनी जड़ों से कट रहे हैं अपनी परंपरा, सभ्यता,संस्कृति, परिवार से दूर होते जा रहे है उन बेटों के लिए जिनके घर आने का भर पुर कोसिस करते है उस माँ के लिए जिन्हें अपनी संतान को देखे महीनों हो जाते हैं,उस परिवार के लिये जो आज टुकड़ो में बंट गया है उसे आजकल की नई बहु/पुतोहु के लिए जिन्हें नहीं पता कि दो कमरों से बड़ा भी घर होता है उनके लिए जिन्होंने नदियों को सिर्फ किताबों में ही देखा है उस परंपरा को रखने के लिए जो समानता की वकालत करता है जो बताता है कि बिना पुरोहित ब्राह्मण भी पूजा हो सकती है जो सिर्फ उगते सूरज को ही नहीं डूबते सूरज को भी प्रणाम करना सिखाता है गागर , निम्बू और सुथनी जैसे अनेको फलों को जिन्दा रखने के लिए सूप और दउरा को बनाने वालों के लिए,ये बताने के लिए कि,इस समाज में उनका भी महत्व है उन दंभी पुरुषों के लिए जो नारी को कमज़ोर समझते हैं 

भारतीयों के योगदान और हिन्दुओ के सम्मान  के लिए सांस्कृतिक विरासत और आस्था को बनाये रखने के  लिए परिवार तथा  समाज में एकता एवं एक रूपता के लिए  प्रचलित हो चुका है जिसका परिणाम है कि भारी संख्या में लोग महान छठ व्रत का त्यौहार बना रहे हैं विदेशों से भी लोग अपने घर की ओर आए हैं इसका प्रमाण मिला है और जो परिवार बाहर में नौकरी पेशा में है वह भी छठ में घर आने के लिए लंबे समय से अपना टिकट रिजर्वेशन करा चुका था सोन नदी का किनारा पूरे जिले नहीं अंतर जिला के लोगों से भरा हुआ देखा गया नासरीगंज से नोहटा तक इत्यादि जिले के कई घाटों पर तथा गांव की पोखरा  नहर पर लोगों ने अपना छठ व्रत मना जिला प्रशासन भी सभी जगह घाट बनवाने में सुरक्षा व्यवस्था देने में काफी व्यस्त दिखा ताकि जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार पुलिस कप्तान आशीष भारती और सभी पुलिस पदाधिकारी प्रशासन के लोग इस त्यौहार को देखकर अचंभित हुए और प्रभावित हुए काफी सक्रिय होकर स्वच्छता और लगन के साथ  लोगों ने सहयोग किया डेहरी आन सोन में कई स्वयंसेवी संस्था छठ व्रतियों के लिए प्रसाद का वितरण किया शहर के थाना चौक से अंबेडकर चौक पाली रोड न्यू एरिया कैनाल रोड झारखंडी मंदिर इत्यादि हर गली की पूरी सफाई और स्वच्छता के साथ भरपूर सजावट नगर वासियों ने किया जिसमें समाजसेवी पवन झुनझुनवाला श्रीमती मीना झुनझुनवाला एवं समाजसेवी सोनू सिंह इत्यादि कई समाजसेवियों ने फल एवं प्रसाद का वितरण किया गरीब से लेकर अमीर सभी के घर प्रसाद पहुंच गया और लोगों ने श्रद्धा विश्वास के साथ दिल से दुआ मांगी इस तरह महान छठ का त्यौहार शहर में उल्लास फुल माहौल में मनाया गया थाना चौक पर नई रोशनी नवयुवक क्लब जवाहर नवयुवक कलब नेहरू मेमोरियल क्लब आदि के द्वारा बहुत ही बेहतरीन सजावट तथा तथा तोरण द्वार बनाए गए जिसे घूम घूम कर देखने के लिए अपार भीड़ देखा गया