डिहरी नगर परिषद के महिला आरक्षित सीटों पर प्रचार में कई प्रत्याशी गायब !


 रिपोर्ट ;-गौतम शर्मा ,मो तस्लीम ,वारिस अली 

डेहरी /रोहतास 

उनके पति,देवर,भाई ही मांग रहे है वोट --महिला स्वतन्त्रता की उड़ रही है धज्जियाँ 

डिहरी नगर / चुनाव चिन्ह मिलते ही नगर के सभी प्रत्याशी अपने -अपने चुनाव प्रचार में लग गए है। देखने में आ रहा है कि प्रचार में जहाँ भी महिला आरक्षित पद है वहां एक -दो प्रत्याशिओं को छोड़ उनकेपति,देवर और भाई ही प्रचार कर रहे है। मतदाता भी भ्रमित है कि मेरा प्रत्याशी महिला है पुरुष ?प्रत्याशी प्रतिनिधि भी होते तो ?? कह सकते है कि कोई बात नहीं है ! अधिक मतदाता यह बता रहे है कि मुख्यपार्षद हो या उप मुख्यपार्षद नगर के मुद्दे पर मौन है। क्या करेंगे ?क्या योजना है ? क्या उनके पास एजेंडा है ? सब नदारद है,केवल वोट माँगते चल रहे है। दैनिक मजदूरी पर एकत्र किये समर्थक नारे लगा रहे है और वार्ड के गली -गली में टहल रहे है। वही दूसरी तरफ नारी शक्ति का बढ़ -चढ़ कर प्रबचन देने वाले आज उनके अधिकारों पर कुण्डली मारे हुए है। नारी सशक्तिकरण का मजाक बना दिया गया है। इस पर कई  महिलाओं ने रोष व्यक्त किया है। माँ दुर्गा का नवरात्र भी चल रहा है,नारी महत्व और शक्ति की उपासना की जा रही है ,लेकिन वास्तव में पुरुष हमेशा इनको हाशिये पर ले जा रहे है। ऐसे प्रत्याशी जीत कर भी स्वतंत्र विचार से क्या कार्य कर पायेंगी ? यह एक बड़ा सवाल है ,नगर के महिला आरक्षित वाले वार्ड हो में  या फिर मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद के उम्मीदवार पर ?चुनाव आयोग भी इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है। ऐसे उम्मीदवार जीत कर पिट्टू ही बने रहेंगे।