रेलकर्मीयों के लिए संरक्षा संगोष्ठी का हुआ आयोजन




रिपोर्ट ;-  वारिस अली ,गौतम शर्मा 

डेहरी /रोहतास 

रेलवे संरक्षा, सुरक्षा तथा समय पालन जैसे मुद्दे संकेत एंव दूरसंचार विभाग की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। जिससे समयबद्ध तरीकों से ट्रेनों के संचालन के साथ-साथ रेलवे संरक्षा के स्तर को और भी मजबूत किया जा सकें।उक्त बातें सीनियर सेक्शन इंजीनियर (संकेत)कार्यालय डेहरीऑन सोन में संरक्षा संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए भारतीय  रेल इंजीनियरिंग सेवा के अधिकारी व डेहरी एडीईएन सुमन कुमार ने कही।उन्होनें रेलकर्मीयों को नसीहत देते हुए कहा कि ट्रैक से जुड़े कार्यस्थल पर हमेशा कर्मीयों को ड्रेस व शू पहनकर आना चाहिए। इससे ट्रेन ड्राईवर को सावधानीपूर्वक ट्रेन संचालन/कंट्रोल करने में मदद मिलती है।जिससे किसी भी अनहोनी से बचा जा सकता है।

वहीं भारतीय रेल सांकेतिक सेवा के अधिकारी व डेहरी एडीएसटीई अविनाश यादव ने रेलकर्मीयों को सिग्नल विफलता कम करने के लिए लगातार निरीक्षण व अनुरक्षण पर बल देते हुए कहा कि किसी भी परिस्थिति में शॉटकाट न करें। ट्रेनों के संरक्षित रेल परिचालन सुनिश्चित रखने संबंधी ट्रैक सर्किट इंटरलॉकिंग सिस्टम एक्सेल काउंटर मोटर प्वाइंट आईपीएस सिग्नल सेफ्टी जैसे विभिन्न बिंदुओं पर प्रकाश डालते हुए रेल कर्मियों के जानकारी को और मजबूत तथा ताजा किया उक्त मौके पर रेलवे के वरीय और कनीय पदाधिकारी उपस्थित थे