रिपोर्ट ;- वारिस अली ,गौतम शर्मा
डेहरी /रोहतास
जेडीयू प्रवक्ता बैरिस्टर सिंह अधिवक्ता ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि मैंने देखा है की
भारत वासियों के दिलों में तिरंगा बसता है इसके बावजूद भी लोग तिरंगा फहराते रहे हैं पिता जी को पिता और माता जी को माता कहने में सभी को गर्व होता है किसी भी सरकार को सरकार को इसके लिए आदेश देने की जरूरत नहीं है वतन परस्त लोग चाहे वह किसी भी धर्म के मानने वाले हैं तिरंगा के उत्सव में स्कूल विद्यालय अपने अबोध बच्चों को भेजते हैं और खुद भी सरकारी गैर सरकारी उत्सव में भाग लेते रहे हैं भारत में बसने वाली हर आत्मा वतन परस्ते रही है
हर घर पर तिरंगा झंडा लहराए इसपर कोई व्यक्ति समाज और धार्मिक संगठन चाहे किसी धर्म को मानने वाले हैं, साहब किसी को कोई आपत्ति नहीं होगी और न है।
फिर भाजपा को ऐसा क्यूं लगता है कि भारत में हर घर पर तिरंगा झंडा लगनी चाहिए वर्ना वह व्यक्ति समाज देश प्रेमी नहीं होगा। अरे भाई बहुत लोग ऐसे हैं जिन्हें घर ही नहीं है झोपड़ी में या तिरपाल में और सड़क पर जीवन जीने को मजबूर हैं, बावजूद इसके अपने देश से प्यार करते हैं, जो लोग आजादी के बाद स्वयं तिरंगा झंडा खरीद कर शान से लहराया करते हैं। देश प्रेम जबरजस्ती से नहीं जगाया जा सकता, जैसे भगवान या प्रकृति प्रेम स्वाभाविक रूप से लोगों में है बावजूद भाजपा एवम् आर एस एस के लोग लोगों को चिढ़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं और अनावश्यक दबाव डाला जा रहा है, भारत सरकार खुद ही तिरंगा खरीद कर हर घर में बांट दे।
इनका काम और मकसद सिर्फ फालतू बातें बना कर हंगामा खड़ा करना है,जो लोग आजादी के बाद तिरंगा झंडा को अपना नहीं माना वैसे लोगों से देश प्रेम नहीं सीखना है। इनको आम लोगों से कोई मतलब नहीं है सिर्फ पूंजीपतियो से मतलब है और उन्माद पैदा कर सत्ता में आते रहना चाहते हैं, इन्हें रोकने के लिए विलक्षण प्रतिभा के धनी सर्वमान्य नेता नीतीश कुमार जी महागठबंधन के नेता की तरफ देश की जनता आश लगाए हुई है कि इन्हें प्रधानमंत्री का चेहरा बनकर सभी क्षेत्रीय पार्टियों और कांग्रेस का साथ लेकरआगे बढ़ें और 2024में महागठबंधन की सरकार केंद्र में स्थापित किया जाए। बिहार से मोदी सरकार के विरोध की शुरुआत हो चुकी है, मोदी सरकार हर मुद्दे पर फेल हो चुकीहै। आम जनता त्रस्त है और मोदी सरकार मस्त है।
बैरिस्टर सिंह अधिवक्ता एवं प्रवक्ता जदयू रोहतास। ने यह भी कहा कि एक सच्चाई मैंने पढ़ी है
बाबा भारती का घोड़ा चोरी हुई थी हमलोगों ने कहानी पढ़ी थी की एक डाकू फकीर का भेस बदलकर बाबाभारती का घोड़ा लेकर भाग रहा था तो बाबा भारती ने कहा कि रुको एक बात सुन लो तो वह रुका तब बाबा भारती ने उससे कहा कि घोड़ा लेकर जाना है तो जाओ लेकिन, यह बात किसी से मत कहना की तुमने फकीर के भेस में घोड़ा चुराया है वर्ना फकीरों पर से लोगों का विश्वास उठ जाएगा,
आज केंद्र सरकार वही कर रही है।
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