रेल परिचालन क्षमता में वृद्धि हेतु बाघा बिशूनपुर स्टेशन पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम का हुआ शुभारंभ


 

नए सिस्टम में 134 रुट की क्षमता

बाघा बिशूनपुर बना मंडल का प्रथम एमएसडीएसी प्रणाली युक्त स्टेशन

रिपोर्ट ;- गौतम शर्मा ,वारिस अली 

डेहरी /रोहतास 

पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेल मंडल अवसंरचना विकास, उन्नयन व आधुनिकीकरण करते हुए सुचारू रेल परिचालन एवं रेल परिचालन क्षमता में वृद्धि हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। सिग्नल सिस्टम के उन्नयन के  क्रम में बाघा बिशूनपुर स्टेशन पर आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम की स्थापना संबंधी विभिन्न अवसंरचना उन्नयन कार्य सफलतापूर्वक संपन्न करने के उपरांत आज दिन शनिवार को अपर मंडल रेल प्रबंधक अतुल कुमार की उपस्थिति में बाघा बिशूनपुर स्टेशन पर नए सिस्टम के साथ रेल परिचालन का शुभारंभ किया गया। बाघा बिशूनपुर स्टेशन पर अपर मंडल रेल प्रबंधक के साथ इस अवसर पर पूमरे के मुख्य सिग्नल अभियंता रौशन लाल यादव,वरीय मंडल संकेत एवं दूरसंचार अभियंता राजेश कुमार कुशवाहा,रेल विकास निगम लिमिटेड के मुख्य परियोजना प्रबंधक कॄष्ण कुमार भार्गव,  महाप्रबंधक राजेश कुमार सिह, परियोजना निदेशक  मनोज कुमार  सिंह, वरीय मंडल अभियंता  मोहित कुमार सहित कई  वरिष्ठ अधिकारी  उपस्थित रहे। 

कार्य के दौरान संकेत एंव दूरसंचार  विभाग ने मलटी सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर जैसे नयी तकनीक से बाघा बिशूनपुर स्टेशन को लैस कर दिया।इसी के साथ इस नयी तकनीक से लैस होने वाला बाघा बिशूनपुर डीडीयू रेल मंडल का प्रथम स्टेशन बन गया।बाघा बिशूनपुर स्टेशन 134 रूट,22 सिग्नल, 48 टीडब्लूएस प्वाइंट मशीन, 146 डीपी,8 लाईन, 104 ट्रेक सेक्शन की क्षमता  से युक्त होकर सोननगर एवम अंकोरहा स्टेशन के साथ तिसरी लाईन की सुविधा से भी लैस हो गया।साथ ही अत्याधुनिक सिगनलिंग संबंधी सुविधाओं से युक्त बाघा बिशूनपुर को डेडिकेटेड फ्रेड काॅरिडोर कॉर्पोरेशन के जोडा गया।

 भारतीय रेल के अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ)  के अद्यतन दिशा-निर्देशों के अनुरूप विभिन्न  उन्नत सिग्नल सिस्टम से  युक्त बाघा बिशूनपुर स्टेशन होकर रेल परिचालन और सुगम तथा सुचारू होगा और साथ ही संरक्षा में भी बढ़ोतरी होगी।कार्य के दौरान इंजीनियरिंग विभाग द्वारा यार्ड  रिमॉडलिंग भी किया गया है।जिससे ट्रेनों के आवागमन में सुविधा होगी। स्टेशन पर स्थापित किया गया अत्याधुनिक इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम समग्र रूप में डीडीयू मंडल में रेल परिचालन क्षमता में वृद्धि में और सहायक होगा।इससे ट्रेन की आवृति और गति दोनों में इजाफा होगी।अशोका विलिकॉन  लिमिटेड कंपनी एजेंसी ने कार्य को संपन्न कराया