रेलवे के निजीकरण बर्दाश्त नही-डी के पांडेय निजीकरण के खिलाफ जन आंदोलन जरूरी- एसएनपी श्रीवास्तव विभिन्न समस्याओ को लेकर ईसीआरकेयू का विशाल विरोध- प्रदर्शन


 


रिपोर्ट ;-गौतम शर्मा , के वीरेंद्र 

डेहरी/ रोहतास 

पूर्व मध्य रेल से मान्यताप्राप्त रेल संगठन ईस्‍ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन ने विभिन्न समस्याओ को लेकर प्लान्ट डिपो शाखा के तत्वाधान में मुख्य कारखाना प्रबंधक कार्यालय प्रांगण में भारत सरकार के कर्मचारी विरोधी नीतियों एवं प्लान्ट डिपो प्रशासन द्वारा रेल कर्मचारियों के ज्वलंत समस्याओ के निराकरण में उदासीनता के खिलाफ विशाल विरोध-प्रदर्शन किया  | जिसमें ईसीआरकेयू के केंद्रीय अध्यक्ष कॉमरेड डी के पांडेय,केन्द्रीय महामंत्री  एसएनपी श्रीवास्तव,केन्द्रीय संगठन सचिव मनोज पांडेय सरीखे यूनियन के कई कद्दावर नेता शामिल हुए और डिपो प्रशासन और केन्द्रीय सरकार के नीयत पर सवाल उठाते हुए जमकर गरजे।

इस अवसर पर  विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ईसीआरकेयू के केंद्रीय अध्यक्ष व मशहूर श्रमिक नेता कॉमरेड डी0के0 पांडेय ने कहा कि यूनियन के आंदोलन के चलते स्पष्ट रूप से कहा जा सकता है कि रेलवे का निजीकरण नहीं होगा, परंतु वित्त मंत्री द्वारा राष्ट्रीय मुद्रीकरण   पाइपलाइन परियोजना की घोषणा ने भारतीय रेल को 1.5 करोड़ की कुल संपत्ति को बेचने का प्रस्ताव सम्मिलित है | जिसमें 400 रेलवे स्टेशन ,90 यात्री गाड़ियां ,1400 किलोमीटर रेलवे ट्रैक ओएचई, 741 किलोमीटर कोंकणरेलवे, 265 गुड्स शेड, 15 रेलवे स्टेडियम तमाम रेलवे कॉलोनी और चार पर्वतीय रेलवे स्टेशन और 763 किलोमीटर डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर शामिल है का मुद्रीकरण करने की योजना प्रस्तावित हैं |जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जाएगा।

वहीं केंद्रीय महामंत्री व देश के जाने-माने श्रमिक नेता कामरेड एसएनपी श्रीवास्तव ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि रेलवे को बचाने के लिए हमें जनता का सहयोग लेना होगा ।क्योंकि निजीकरण से सबसे अधिक मुश्किल आम जनता को होने वाली है | इसीलिए हमें जनजागरण कर इसे जन आंदोलन बनाना होगा ,तभी हम इस सरकार को पूरी ताकत के साथ मुकाबला कर पाएंगे |न्यू पेंशन को लेकर हमारा विरोध जारी है यूनियन की कोशिश है कि पुरानी पेंशन को तत्काल बहाल किया जाए  | महामंत्री ने युवाओं को सावधान करते हुए कहा कि पुरानी पेंशन की बहाल करने की लड़ाई तो हम लड़ रहे साथ ही हमें रेल को बचाने की भी लड़ाई उसी ताकत और शिद्दत से लड़नी होगी ,क्योंकि पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई हम जीत ले लेकिन रेल बचाने की लड़ाई हम हार गए तो यह जीत बेमानी साबित होगी |आगे इन्होंने रेल कर्मचारियों को आह्वान किया कि हमें रेल बचाने के लिए कोई भी कुर्बानी देनी होगी हम सभी इसके लिए तैयार रहेंगे | 


 प्रदर्शन को ईसीआरकेयू के केंद्रीय संगठन सचिव बीबी पासवान ,मनोज पांडेय,सीसीडी मिश्रा,मिथिलेश कुमार, केदार प्रसाद,रमेश च॔द्रा,अशोक सिंह,मुकेश कुमार सिंह, श्रीराम यादव, भैयालाल, सुल्तान अहमद, एसपी सिंह, शोभनाथ सिंह, सी0बी0राय,जेके सिंह सहित कई लोगों ने सम्बोधित किया।