रैगिंग एक दंडनीय अपराध है और पूर्ण रूप से गैर कानूनी कार्य है




रिपोर्ट ;- गौतम शर्मा , वारिस अली 

डेहरी /रोहतास 

माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार रैगिंग एक दंडनीय अपराध है. यह पूर्ण रूप से गैरकानूनी कार्य है एवं किसी भी शिक्षण संस्थान के लिए अभिशाप माना गया है. गोपाल नारायण सिंह  विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर एम एल वर्मा ने नारायण मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के छात्रों को एंटी रैगिंग सेमिनार में संबोधित करते हुए उक्त बातें कही. इस अवसर पर पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय राजेश कुमार ने कहा कि सीनियर छात्रों के द्वारा जूनियर छात्रों को संस्थान के संस्कारों से मित्रता पूर्वक अवगत कराना उनका फर्ज है और जूनियर छात्रों को अपने सीनियर को आदर देना उनका कर्तव्य है .इसका पालन होने से कभी भी रैगिंग जैसी समस्या उत्पन्न नहीं होगी. रैगिंग निषेध सेमिनार को संबोधित करते हुए सासाराम बार काउंसिल के पूर्व अध्यक्ष राममूर्ति सिंह ने कहा कि रैगिंग पूर्णतया गैरकानूनी है तथा इससे सभी छात्रों को बचना चाहिए. रैगिंग जैसी कुप्रथा को अपने संस्थान में प्रवेश ना होने दें, यही अच्छे छात्रों की निशानी है. इस अवसर पर संबोधित करते हुए बेनी सिंह महाविद्यालय, चेनारी के व्याख्याता एवं वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र कुमार राय ने एमबीबीएस छात्रों को बताया हमेशा अपने जूनियर को छोटे भाई की तरह स्नेह से एवं उन्हें उचित परामर्श देकर उनके निजी समस्याओं का समाधान करने में अपनी भूमिका का निर्वहन करें. इस अवसर पर डिहरी मुफस्सिल थाना अध्यक्ष अजय कुमार, संस्थान के प्राचार्य डॉ विनोद कुमार, चिकित्सा अधीक्षक डॉ एस अली इमाम, छात्र शाखा के प्रभारी डॉ अनिमेष गुप्ता ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन विश्वविद्यालय के जनसंपर्क अधिकारी भूपेंद्र नारायण सिंह ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन नारायण मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य डॉ एसके सिंह ने किया।