रिपोर्ट ;- वारिस अली
डेहरी /रोहतास
बिक्रमगंज अनुमंडल न्यायालय में जज के घर अपराधियों ने दिनदहाड़े डकैती कर लाखों का सामान लूट ले गये । . पुलिस प्रशासन का खौफ अपराधियों में नहीं है । प्राप्त खबर के अनुसार घटना मंगलवार को दिनदहाड़े प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी महेश्वर नाथ पांडेय के घर के अंदर प्रवेश कर गये और पत्नी एवं बच्ची को हथियारों के बल पर कब्जे में लेकर गहना, नकदी तथा कीमती सामान लेकर चंपत हो गए । विरोध करने पर अपराधियों ने मारपीट की न्यायायिक दंडाधिकारी की पत्नी और बच्ची जख्मी हो गये । घटना के वक्त न्यायायिक दंडाधिकारी कोर्ट में व्यस्त थे । घटना की सूचना मिलते ही कोर्ट परिसर में मौजूद लोग घटना स्थल पहुँचे तब तक अपराधी भाग चुके थे । अपराधियों की संख्या आधा दर्जन बतायी जा रही है । कुछ अंदर और कुछ बाहर से अपना मकसद पूरा करते रहे अपराधियों के अन्य साथी घर के बाहर थे । सूत्र बताते हैं कि अपराधियों ने योजनाबद्ध तरीके से घटना को अंजाम दिया है । इस घटना को लेकर क्षेत्र के पदाधिकारी और व्यवसाय से जुड़े लोगों में तथा आम जनों में खौफ पैदा हो चुका है आम लोग सकते में है, पुलिस प्रशासन उक्त घटना को कड़ी चुनौती के रूप में देख रही है । लोगों मैं इस बात का भय व्याप्त है कि जब जज का घर दिन में सुरक्षित नहीं है तो आम लोगों का भगवान मालिक है । पुलिस प्रशासन उक्त घटना के घटित होने के बाद से ही बेचैनी में अपराधियों की तलाश में जुट चुकी है घटना का उद्भेदन अति शीघ्र करने के लिए और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए रोहतास के पुलिस कप्तान के निर्देश पर कई अधिकारी लग चुके हैं आम जनों का कहना है कि जिले में यह पहली ऐसी घटना घटित हुई है जिससे लगता है कि अपराधियों का मनोबल काफी ऊंचा हो गया है आम जनता बिल्कुल सुरक्षित नहीं है और पुलिस शराब के नाम पर सिर्फ अपनी ड्यूटी निभाते हुए धन उगाही में लगे हुए हैं अगर पुलिस घटना को अंजाम देने वाले अपराधियों की धरपकड़ और बंदगी 24 घंटे के अंदर कर लेती है तब आमजन राहत की सास ले पाएंगे । न्यायिक कार्य से जुड़े वरिष्ठ अधिवक्ता अधिवक्ताओं ने कहा कि आला अधिकारियों के आवाज के आसपास सीसी टीवी कैमरा सहित परिसर में सुरक्षात्मक व्यवस्था बढ़ाने की मांग लगातार की जाती रही है लेकिन अभी तक ध्यान नहीं दिया गया । बिक्रमगंज अनुमंडल डीएसपी अपने दल बल के साथ तथा थानाध्यक्ष घटना की छानबीन में जुट गये है । घटना को लेकर न्यायिक अधिकारी एवं बड़े अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आम जनों में भय एवं आक्रोश व्याप्त है
