रिपोर्ट ;- वारिस अली
डेहरी /रोहतास
माहे रमजान उल मुबारक के मौके पर हर मुस्लिम भाइयों को ईद की नमाज के पहले सदका ए फीत्रा निकालना वाजिब है यह मिस्किन के लिए खाने का जरिया बनता है इस मामले में हमारे वरिष्ठ संवादाता वारिस अली ने स्टेशन रोड डेहरी मस्जिद के इमाम मुफ्ती जनाब कारी मुस्लिम सिद्दीकी साहब से बातचीत किया तो उन्होंने बताया कि जैसे कि आप जानते है कि
हज़रत इब्ने उमर (रअ) से रिवायत है की रसूलअल्लाह सल्लल्लाहू अलेहै वालेही वसल्लम ने गुलाम और आजाद, मर्द और औरत, सभी मुसलमानों पर सदका-ए-फितर वाजिब किया है। सदका-ए-फितर का हुक्म बानी ए इस्लाम हुजूर नबी अकरम सल्लल्लाहू अलेही वालेही वसल्लम ने उस साल दिया जिस साल रमजान का रोजा फर्ज हुआ। सदका-ए-फितर गरीबों और मिस्कीनो को दिया जाता है जिसे फितराना भी कहते हैं। इसका अदा करना हर मालदार शख्स के लिए जरूरी है ताकि गरीब और मिस्कीन लोग भी ईद की खुशियों में शामिल हो सकें। सदका-ए-फितर रोजेदार को फुजुल और फहश हरकात से पाक करने का जरिया है। हज़रत इब्ने अब्बास (रअ) से रिवायत है की हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहू अलेही वसल्लम ने सदका-ए-फितर को इसलिए वाजिब करार दिया है की यह रोजेदारों के बेहूदा कामों और फहस बातों की पाकी और मिस्कीन के लिए खाने का ज़रिया बनता है। इस साल मुत्तफाका तौर पर सदका-ए-फितर का ऐलान 40 रुपये तय किया है लिहाजा 40 रुपये सदका-ए-फितर अदा करें। नमाज ए ईद से पहले अगर किसी घर मे बच्चे की विलादत हो जाए तो उस बच्चे पर भी सदका-ए-फितर वाजिब है।
उन्होंने कहा कि रमजान उल मुबारक के पाक महीना में हर मालदार इंसान को अपनी कमाई का ढाई परसेंट जकात निकालना है अगर आपकी आमदनी ₹100 है तो ढाई रुपया जकात जरूर निकाल देना है इस तरह से जितने भी मालदार लोग हैं इस रकम को निकाल कर गरीब मिस्किन शादी के लिए बैठी हुई बच्चियों और इलाज के लिए तड़प रहे लोगों पर खर्च करना बिल्कुल जायज कहा गया है इसके बाद या गरीबों का हक है या पढ़ने वाले गरीब बच्चों को इस की रकम देकर उन्हें बेहतर पढ़ाई के लिए मदद देना भी सही है उन्होंने कहा कि हमारे समाज में शिक्षा के ऊपर खर्च करने से लोग मोहताज बन जाते हैं इसलिए वैसे लोगों को यह रकम देकर स्कूल का फीस जमा करा दें या उनको अच्छे जगह डॉक्टर इंजीनियर या किसी भी डिग्री के लिए पढ़ाई पर खर्च भेज सकते हैं जिससे समाज के लोगों को आगे बढ़ने का मौका मिले यह रकम देश के पूरे आबादी के लोगों को निकालना है चाहे वह किसी भी हिस्से का रहने वाला हो
.jpg)