केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा सीटेट में अमृता कुमारी के सफलता पाने पर लोगों दी बधाइ


 

रिपोर्ट ;- वारिस अली 

डेहरी /रोहतास 

पूर्व पंचायत समिति सदस्य आशा पति कुंवर की पोती और राधाकांता कॉलेज के सहायक प्रोफेसर अनिल कुमार सिंह की पुत्री अमृता कुमारी ने अपने परिश्रम लगन और जज्बा का मिसाल कायम किया है जिसकी चर्चा गांव गांव में की जा रही है हमारे वरिष्ठ संवाददाता वारिस अली को अनिल सिंह ने बताया कि

 केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा 2021 के परिणाम में डेहरी अनुमंडल क्षेत्र के तिलौथू प्रखंड अंतर्गत ग्राम चोरकप के रहने वाली अमृता कुमारी ने प्रथम प्रयास में ही सीटेट की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है ।                                                          अमृता कुमारी के प्रारंभिक शिक्षा सनबीम पब्लिक स्कूल डेहरी से हुई है तथा डीएलएड विवेकानंद हायर एजुकेशनल इंस्टीट्यूट औरंगाबाद से की है।                                     विदित हो कि शिक्षक प्रशिक्षण डी एलएड या  बीएड करने के बाद अभ्यर्थी सीटेट की परीक्षा में सम्मिलित होते हैं । जिससे प्रतिवर्ष सीबीएसई बोर्ड द्वारा अखिल भारतीय स्तर पर लिया जाता है ।  केंद्र  या राज्य सरकार के सरकारी स्कूलों , अर्द्ध सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए सीटेट की परीक्षा पास करना अनिवार्य है । सीटेट के प्रमाण पत्र  के बाद ही कोई भी शिक्षक प्रशिक्षण अभ्यर्थी शिक्षक बन सकता है ।                                                                  कोविड-19 के प्रभाव के कारण एक वर्ष बाद 16 दिसंबर 2021 से 30 जनवरी 2022 तक सीबीएसई बोर्ड द्वारा परीक्षा का आयोजन किया गया था । जिसके लिए देश भर  से  तीस लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था । परीक्षा में 23 लाख 51 हजार 671 अभ्यर्थि सम्मिलित हुए थे, जिसमें 6 लाख 54 हजार 299 अभ्यर्थी  सीटेट की पात्रता परीक्षा पास किए हैं।                                                                               अमृता कुमारी  सत्र 2018- 20 में  डीएलएड  करने के बाद प्रथम प्रयास में ही सीटेट के परीक्षा में कुल  150 अंकों  में 99 अंक पाकर सामान्य कैटेगरी में क्वालीफाई घोषित हुई है। सामान्य वर्ग के बच्चों को क्वालीफाई करने के लिए 90 अंक लाना जरूरी था । सीटेट  प्रमाण पत्र शिक्षण की स्थिति प्राप्त करने के लिए न्यूनतम योग्यता है। सीटेट उतिर्ण उम्मीदवार देश के किसी भी क्षेत्र में शिक्षक बनने के लिए योग्य अभ्यर्थी बन सकते हैं।                                                            पहले सीटेट की सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 7 साल हुआ करता था जो अब लाइफटाइम जीवन भर हो गया है।                                           अमृता कुमारी के पिता तिलौथू राधा शांता महाविद्यालय में सहायक  प्रोफेसर हैं ।  अमृता कुमारी ने सीटेट की परीक्षा उत्तीर्ण होने एवं पढ़ाई के प्रति हमेशा जागरूक करने के लिए इसका श्रेय अपने पूर्व पंचायत समिति सदस्य अपने  दादी आशापति  कुंवर को देती हैं।                                      ।                                                 वहीं  प्रथम प्रयास में सफल होने पर राधा शांता महाविद्यालय तिलौथू के प्राचार्य डॉ अशोक कुमार सिंह ,सचिव  रंजीत सिन्हा ,अमलतास निकेतन तिलौथू की अध्यक्षा रंजना सिन्हा, अमलतास बीएड कॉलेज के सलोनी सिन्हा, आर एस के पब्लिक स्कूल बस्तीपुर के निदेशक आनंद सिंह, डीएवी भर कुड़िया के प्राचार्य अरविंद कुमार ,  भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष प्रो कन्हैया कुमार सिंह, जेएलएन कॉलेज डेहरी के प्राचार्य डॉ  जितेंद्र कुमार सिंह आजाद, महिला कॉलेज की प्रो डॉ  डॉ गीता पांडे, विवेकानंद बीएड कॉलेज के चेयरमैन प्रो शंभू शरण शर्मा, मैनेजर अजीत सिंह, बीएड कॉलेज दाउदनगर के प्राचार्य डॉ अमित सिंह सहित कई शिक्षक एवं समाजसेवियों ने बधाई  दिया है ।