औरंगाबाद जिले का प्रथम फैन्शी टॉप टेरा कोटा कुटीर उधोग का बारुण में हुआ उद्घाटन


 

रिपोर्ट ;-मयंक शास्त्री 

बारुण(औरंगाबाद):- बारुण प्रखंड के कुम्हारटोली में बिहार का चौथा और औरंगाबाद जिला के लिए यह प्रथम फैन्शी टॉप टेरा कोटा कुटीर उधोग का उद्घाटन हुआ है। थानाध्यक्ष धनंजय शर्मा, जिला माध्यमिक शिक्षक संघ अध्यक्ष हजारी सिंह, समाजसेवी संजीव कुमार उर्फ पिंकू सिंह,पूर्व प्रधानाध्यापक देवनंदन सिंह, युवा राजद प्रदेश सचिव डा.चन्दन कुमार ने संयुक्त रुप से फीता काटकर टेरा कोटा कुटीर उधोग का उद्घाटन किया। उपस्थित सभी अतिथियों को माला,बुके और अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया गया। थानाध्यक्ष धनंजय शर्मा ने बताया कि टेराकोटा एक लैटिन शब्द से आया है जिसका अर्थ है पकी हुई मिट्टी। इस कला में टेराकोटा मिट्टी से विभिन्न प्रकार के बर्तनों, मूर्तियों और बर्तनों को सुखना, गर्म करना और रंगना शामिल है। ऑटोमेटिक मशीनों के द्वारा मिट्टी से ग्लास, प्लेट, थाली,बोतल,सुराही,घड़ा के साथ कई प्रकार के पात्र बनायें जाएंगे। इस प्रकार के मिट्टी बर्तन से प्रदूषण का डर नही होता है।बेरोजगारी को दुर करने के लिए भी यह उधोग काफी हद तक सही है। वही हजारी सिंह,डा.चन्दन सिंह के साथ अन्य अतिथियों ने टेराकोटा के प्रोपराइटर अमित कुमार प्रजापति की कार्य को सराहते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्य से कुम्हार जाती के बीच से बेरोजगारी दूर होगी और मिट्टी की पात्र का प्रयोग से समाज में एक संदेश फैलेगा। बताया कि सभी चीजें एक तरफ, क्या टेराकोटा क्राफ्टिंग अपने आप में एक सौंदर्य नहीं है? मुट्ठी भर मिट्टी, एक पहिया और एक हीटिंग ऑब्जेक्ट और कारीगर की उंगलियों से थोड़ा सा जादू और आप एक ऐसा आइटम प्राप्त करते हैं जिसे निहारना कभी भी पर्याप्त नहीं होता है। अशिक्षित और गरीब कारीगरों के हाथों से निकलने वाले छोटे-छोटे अजूबों के इन असाधारण टुकड़ों के साक्षी सीधे हमारी भावनात्मक पक्षों को छूते हैं। इस दौरान निदेशक पीपीएस मिथिलेश कुमार,डा.शशिभूषण प्रसाद, प्रो.अमित कुमार, ललन प्रजापति,जनेश्वर प्रजापति, बबलू प्रजापति,जितेंद्र प्रजापति,अशोक प्रसाद,संजय प्रजापति के साथ अन्य लोग मौजूद रहे।