एमबीए के छात्रों के लिए आयोजित अधिष्ठापन 2021 का समापन सुधा डेयरी एवं एनपीजीसी के कारपोरेट भ्रमण के साथ ही संपन्न


 गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

डेहरी /रोहतास 
रोहतास जिले के जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के प्रबंध शिक्षा संकाय द्वारा एमबीए के छात्रों के लिए आयोजित अधिष्ठापन 2021 का समापन सुधा डेयरी एवं एनपीजीसी के कारपोरेट भ्रमण के साथ ही संपन्न हो गया तथा नियमित कक्षाएं प्रारंभ हो गई। विगत पांचअक्टूबर से तीन चरणों में तीन सप्ताह तक चले अधिष्ठापन में देश के नामी-गिरामी प्रबंध शिक्षकों ने लगभग दो सौ विद्यार्थियों को अलग-अलग विषयों पर संबोधित कर उन्हें प्रबंधन के गुर से अवगत कराए। अधिष्ठापन कार्यक्रम के अंतर्गत एक्सएलआरआई जमशेदपुर के प्रोफेसर प्रभात कुमार सेन ,इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राधेश्याम सिंह ,आईआईटी धनबाद के प्रोफेसर प्रमोद पाठक, बीएचयू से प्रोफेसर ओपी राय, प्रोफेसर ज्ञान प्रकाश सिंह एवं प्रोफेसर हरिकेश सिंह, काशी विद्यापीठ से प्रोफेसर कृपा शंकर जायसवाल ,एसएमएस वाराणसी से प्रोफेसर कमल शील मिश्रा तथा विनोबा भावे विश्वविद्यालय हजारीबाग से डॉक्टर सरोज रंजन ने प्रबंधन छात्रों को संबोधित किया ।कारपोरेट भ्रमण के दौरान एनपीजीसी नबीनगर एवं सुधा डेयरी डेहरी ऑन सोन में भ्रमण के लिए गए छात्रों को सतर्कता सप्ताह कार्यक्रम का भी अनुभव प्राप्त हुआ। एनपीजीसी की ओर से मुख्य कार्यकारी अधिकारी  विजय सिंह एवं एजीएम एचआर समीरण राय सिन्हा ने अध्यापकों कुमुद रंजन, निखिल निशांत एवं श्रीमती पम्मी कुमारी तथा एमबीए के छात्रों का स्वागत और अभिनंदन किया तथा प्रतिष्ठान के क्रियाकलापों से अवगत कराए।सुधा डेयरी की ओर से सीईओ रविंद्र प्रसाद, प्रबंधक अमित आनंद तथा प्रोडक्ट प्रबंधक राजेश कुमार ने बच्चों को संयंत्र भ्रमण कराया। संकाय प्रमुख प्रोफेसर आलोक कुमार एवं शैक्षिक निदेशक सुदीप कुमार सिंह ने बताया कि नए विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से निपुणता कार्यक्रम के अंतर्गत डिजिटल लिटरेसी तथा फिनिशिंग स्कूल शुरू कर दिया गया है जो बिहार में पहली बार कोर्स में शामिल किया गया है ताकि विद्यार्थियों को रोजगारपरक बनाया जा सके । उन्होंने बताया कि बिजनेस इनक्यूबेशन केंद्र को क्रियाशील कर दिया गया है जिसे विद्यार्थी एवं स्थानीय उद्यमी लाभान्वित हो सके। इसके लिए संकाय के अध्यापक डॉ अभिषेक श्रीवास्तव के नेतृत्व में दल का गठन किया गया है। डिजिटल विपणन तथा मेक इन इंडिया पर उन्होंने अपनी पुस्तकें भी प्रकाशित की है।