गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-
डेहरी /रोहतास
शहीदों की शहादत बेकार नहीं जाती - कौशलेंद्र। कुश मंदिर सह कुशवाहा सभा भवन डेहरी के प्रांगण में अमर शहीद जगदेव प्रसाद जी का शहादत दिवस बड़े ही सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। सर्वप्रथम उनके विचारों को मानने वाले लोग कुशवाहा सभा भवन डेहरी में एकत्रित हुए। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी सभी लोग हाथों में फूल माला लेकर पदयात्रा करते हुए स्थानीय जगदेव चौक पहुंचे तथा उनकी आदमकद मूर्ति पर माला डालकर उन्हें याद किया। तत्पश्चात कुशवाहा सभा भवन डेहरी में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता कुशवाहा भवन के वर्तमान अध्यक्ष- कौशलेंद्र कुशवाहा ने किया। उन्होंने बताया कि भारत लेनिन की उपाधि पाने वाले शहीद जगदेव प्रसाद अंतिम सांस तक सामंतवाद, पाखंडवाद की कब्र खोदते रहे। 25 अगस्त 1967 को दिए गए अपने ओजस्वी भाषण में कहा था, सौ में नब्बे शोषित है, नब्बे भाग हमारा है।दस का शासन नब्बे पर नहीं चलेगा, नहीं चलेगा।वे एक जन्मजात क्रांतिकारी थे। उन्होंने सामाजिक राजनीतिक एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में अपना बहुमूल्य योगदान दिया।वे भय,भुख, भ्रष्टाचार छुआ छुत और पाखंडवाद को मिटाकर एक नए समाज का निर्माण करना चाहते थे, जिसमे समानता का अधिकार हो। शोषित समाज के आत्म सम्मान की लड़ाई लड़ते हुए, 5 सितंबर 1974 को कुर्था की धरती पर शहीद हो गए। उनकी शहादत बेकार नहीं जाएगी। आज हमें जरूरत है उनके बताए मार्गो पर चलने और उनके विचारों को आत्मसात करने की यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। बिहार के पूर्व सांसद उजियारपुर के वर्तमान विधायक आलोक मेहता जी ने शहीद जगदेव प्रसाद के विचारों से अवगत कराते हुए उन पर चलने का आह्वान किया तथा कुशवाहा सभा परिवार के सभी सदस्यों के कार्यों की सराहना करते हुए इसके विकास में हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया। सभा में मुख्य रूप से सचिव- पूर्णमासी सिंह, उपाध्यक्ष- अजय कुमार, कोषाध्यक्ष सुनील कुमार, संतोष कुमार, वीरेंद्र कुशवाहा, श्रीमती मधु मंजरी, राजेश यादव, निर्मल कुशवाहा, अमरेंद्र सिंह, प्रोफेसर सुबोध जी, उदय कुशवाहा , बिन्देश्वरी सिंह, विरेन्द्र कुमार,शिव कुमार सिंह, इं लक्ष्मण सिंह,लाल बिहारी सिंह,किरण कुशवाहा,प्रमोद महतो, आदि लोगों ने संबोधित किया। जिसमें राम प्रसाद सिंह, मनिष कुमार संतोष कुमार,सुनिल कुमार,हरीओम, नरेन्द्र मौर्य,सी डी सिंह,देवमुनी सिंह, विद्याधर विद्यार्थी,डा जय नाथ वर्मा,राम ध्यान सिंह, ईश्वर दयाल सिंह, अशोक कु सिंह नरेंद्र प्रसाद,राम जी सिंह, रामेश्वर सिंह के साथ अन्य लोग उपस्थित होकर इस कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान किया।
