ईसीआरकेयू ने भारत बंद का किया नैतिक समर्थन।

                                               

                                               एसएनपी श्रीवास्तव ,केन्द्रीय महामंत्री, ईसीआरकेयू

 गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

डेहरी /रोहतास 

पूर्व मध्य रेल की मान्यताप्राप्त एक मात्र रेल संगठन ईस्‍ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन ने देश में तीन कॄषि काला कानून के विरूद्ध किसान संगठनो द्वारा आयोजित 27 सितंबर के भारत बंद का नैतिक समर्थन किया है।
ईसीआरकेयू के केंद्रीय महामंत्री व देश के मशहूर श्रमिक नेता एसएनपी श्रीवास्तव ने रेलकर्मीयों व यूनियन के शाखाओं को भेजें अपने संदेश मे कहा है कि केंद्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ किसान संगठनो द्वारा आयोजित भारत बंद के समर्थन मे भोजनावकाश के समय रैली,गेट मीटिंग या धरना का आयोजन कर बंद समर्थको का मनोबल बढाएं।और उन्हे नैतिक समर्थन दें।
ईसीआरकेयू डेहरी शाखा के उपाध्यक्ष वीरेंद्र पासवान ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि केंद्रीय महाम॔त्री एसएनपी श्रीवास्तव ने भेजे अपने  संदेश मे सरकार के कथनी और करनी मे फर्क बताया है और कहा है कि आज सरकार की हालत ये है कि वो जिसके हित के लिए कानून बनाने का दावा करती है, उससे बात तक नहीं करती, सरकार कानून किसानों के लिए बनाती है, लेकिन बात पूंजीपतियों से करती है। किसानों के लिए कानून बनाया गया, किसानों से कोई राय तक नहीं ली गई, यही वजह है कि किसान सड़कों पर हैं । इसी तरह दावा किया जा रहा है कि श्रम कानूनों में संशोधन मजदूर हितों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, लेकिन मजदूर संगठनों से बात तक नहीं की गई। सच्चाई ये है कि ये कानून श्रमिकों के विरुद्ध है। ये कानून एआईआरएफ को कत्तई मंजूर नहीं है। इसका विरोध किया जा रहा है। 

 रेलकर्मीयों को पता है कि सरकार ने मौद्रिकरण के नाम पर नीजिकरण को बढावा दे रही है। रेलवे संपतियों को चंद मुट्ठीभर पुंजीपतियों के हाथो बेचा जा रहा है।जिसको यूनियन कतई बर्दाश्त नही करेगी। सरकार मनमानी पर उतारू हो तो ऐसे में हमारे सामने   संघर्ष के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता है। जो हालात है, इसमें हम सभी को मिलकर एक बड़े संघर्ष की ओर आगे बढ़ना होगा।जब लक्ष्य बड़ा हो तो सभी को साथ लेकर संघर्ष की रणनीति तैयार करनी होगी, इसीलिए राष्ट्रीय स्तर पर एनसीसी आरएस का गठन किया गया है।और इसी के तहद  किसानो द्वारा आयोजित भारत बंद का नैतिक समर्थन किया जा रहा है।