जर्जर रेल आवासों का आवंटन सही नहीं, प्रशासन से होगी बात:- मो ज्याउद्दीन।


 गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

पतरातु (झारखंड)।रेलकर्मियों को आज कार्यस्थल और आवासों की विभिन्न समस्याओं से परेशानी से जूझना पड़ रहा है. जिससे उनके स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ता रहा है और उनकी कार्य शक्ति पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. रेलकर्मियों की इन समस्याओं के लिए ईसीआरकेयू ने विभिन्न फोरम पर समाधान करने का आग्रह किया है और हर तरह के संघर्ष के लिए भी तत्पर है. उक्त बातों को ईसीआरकेयू के कद्दावर नेता व अपर महामंत्री मो ज़्याउद्दीन ने  पतरातु  डीजल शेड में आयोजित एक गेट मिटींग में कही।
 उन्होंने कहा कि शेड के कर्मचारियों सहित सभी रेलकर्मी विभागीय और आवासों की समस्याओं से जूझ रहे हैं.इन समस्याओं का निराकरण हमें एकजुट होकर खुद ही हल करना होगा. रेल प्रशासन ने शेड को समाप्त करने के आदेश जारी किये थे परंतु ईसीआरकेयू ने अपना कड़ा प्रतिरोध दर्ज किया जिससे कि डीजल शेड को कन्वर्ट कर विद्युत शेड का दर्जा देकर समाप्त होने से बचाया गया.
उन्होंने कहा कि रेलकर्मियों कि जर्जर  रेल आवासों को कार्यालय द्वारा जबरदस्ती आवंटित कर मकान भत्ता का भुगतान रोक दिया गया है।जो गलत है। नहीं रहने योग्य आवासों को आवंटित नहीं किया जा सकता और  ऐसे में आवंटन स्वीकार नहीं किए जाने पर मकान भत्ता रोकना सही नहीं है. इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों से बात की जाएगी।बैठक में सहायक महामंत्री ओमप्रकाश तथा केन्द्रीय कोषाध्यक्ष ओ पी शर्मा ने भी अपनी बात रखी. मौके पर पतरातु  वन के शाखा सचिव आर एन चौधरी, पतरातु- टू के शाखा सचिव अजित कुमार, कोषाध्यक्ष एस के श्रीवास्तव, कुश कुमार, सरजू प्रसाद सहित काफी संख्या में रेलकर्मी उपस्थित रहे.