गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-
डेहरी /रोहतास
ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन ने केन्द्रीय कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए केन्द्र सरकार से बातचीत करने वाले महत्वपूर्ण फोरम संयुक्त परामर्श दात्री की राष्ट्रीय परिषद ( एन सी जे सी एम) में प्रमुख नेतृत्वकर्ता सह संयोजक शिव गोपाल मिश्रा ने केन्द्र सरकार से महंगाई भत्ता अनफ्रिज कराने और मंहगाई भत्ते बढवाने के बाद अब डेढ़ साल का बकाये की एरियर देने की भी मांग रखी है।देश के सबसे बड़े श्रमिक नेताओं में शुमार शीव गोपाल मिश्रा रेलकर्मियों के सबसे बड़े यूनियन आल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन के महामंत्री हैं। उन्होंने कैबिनेट सेक्रेटरी को एरियर जारी करने की दो ठोस वजह दी हैं। उनका दावा है कि इससे कर्मचारियों का फायदा तो होगा ही, साथ ही इकोनॉमी की सुस्ती भी कम होगी।
इस आशय की जानकारी देते हुए ईसीआरकेयू के केन्द्रीय अध्यक्ष सह देश के लोकप्रिय श्रमिक नेता कामरेड डी के पांडेय ने बताया कि केन्द्रीय कर्मचारियों को जो महंगाई भत्ता चालू किया गया है, उससे रेलकर्मियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। इसे लेकर राष्ट्रीय परिषद की 26 जून को केबिनेट सेक्रेटरी के साथ बैठक भी हुई थी। इसके बाद ही सरकार ने मंहगाई भत्ता बढ़ाने का ऐलान कर दिया। हालांकि सरकार ने बीते डेढ़ साल का एरियर देने के बारे में कोई बात नहीं की है। मंहगाई भत्ता और मंहगाई राहत कर्मचारियों और पेंशनर का अधिकार है। इसे किसी सूरत में नहीं रोका जा सकता। सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2021 में इसे लेकर फैसला भी दिया है। इसके मुताबिक सरकार को यह महत्वपूर्ण भत्ता का भुगतान करना चाहिए। यह भी चिंताजनक स्थित है कि मंहगाई भत्ते को रोकने के कारण 1 जनवरी 2020 से 30 जून 2021 के बीच सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों को भी एरियर नहीं मिलने से काफी नुकसान हुआ है, साथ ही उनकी ग्रैच्यूटी और छुट्टी नगदीकरण की राशि काफी कम मिली है जो उनके साथ अन्याय है. दूसरा नुकसान यह हुआ है कि उन्हें मंहगाई भत्ते की रूकी किश्तों को चालू किए जाने का भी फायदा नहीं मिलेगा।
डी के पांडेय ने भारतीय बाजार के लिए भी इसे जरूरी बताते हुए कहा कि अगर सरकार 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 के मंहगाई भत्ते का एरियर दे देती है तो इससे बाजार में कैश फ्लो बढ़ेगा, जो कोरोना आपदा के कारण कारण बाजार में आई आर्थिक सुस्ती को दूर करने में मदद करेगी।

