सदगुरू सदाफल देव महाराज के 134 वीं जन्म जयंती के अवसर पर रफीगंज में 21 कुंडीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ का हुआ आयोजन


 मयंक शास्त्री की रिपोर्ट ;-

औरंगाबाद:-विहंगम योग के द्वारा सदगुरू सदाफल देव महाराज का 134 वीं जन्म जयंती रफीगंज में मनाया गया। इस अवसर पर 21 कुंडीय विश्वशांति वैदिक महायज्ञ कराया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुबोध कुमार और संचालन स्वर्वेद प्रभारी राकेश कुमार ने की। वेदपाठी के रूप में आध्यात्मिक महाविद्यालय के विद्यार्थी राष्ट्रपति पुरस्कार सम्मानित आचार्य मयंक शास्त्री और मृत्युंजय शास्त्री के द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार कर वैदिक हवन यज्ञ कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वागत गान,मंगल गान से किया गया। आचार्य मयंक शास्त्री के द्वारा विधिवत स्वर्वेद का पाठ पारायण किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में जिला सह संयोजक उमेश प्रसाद सिंह,उपदेष्टा उमेश कुमार, जिला पार्षद दीनानाथ विश्व कर्मा ने संयुक्त रूप से अखंड दीप को प्रज्वलित किया। वेदपाठियों ने कहा कि ब्रह्मविद्या विहंगम योग के प्रणेता महर्षि अनंत श्री सदगुरू सदाफल देव महाराज के 134 वीं जन्मजयंती के अवसर विश्व कल्याण के लिए विश्व शांति वैदिक महायज्ञ किया गया है। प्रत्येक मानव को सदगुरू का ज्ञान प्राप्त करना चाहिए।क्योंकि चेतन सदगुरू के द्वारा चेतन आत्मा, चेतन परमात्मा को प्राप्त करता है। ऐसे सता इस धरती पर जनमानस के कल्याण के लिए ही आते है। सदगुरू सदाफल देव महाराज के द्वारा स्वर्वेद आज विश्व को एक वरदान के रूप प्राप्त हुआ है। स्वर्वेद के संगत से आत्म साक्षात्कार से लेकर परमात्मा प्राप्ति तक हो जाती है। विहंगम योग से पुरूषार्थ अर्थात धर्म,अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है। वही हवन यज्ञ से संसार के संसाधन की व्ववस्था बनती है। यज्ञ से स्वच्छ पर्यावरण और नियंत्रित वर्षा होती है। भारतीय संस्कृति का प्रमुख आधार और ऋषियों का आदेश है हवन यज्ञ। जिसका लाभ सभी मानवों को लेना चाहिए। इस मौके पर कई जिज्ञासुओं को उपदेश भी दिया गया।  कुछ बच्चों को मुंडन संस्कार भी करायें गये। भव्य भंडारा का भी उतम व्ववस्था रहा।  मौके पर सह संयोजक अनुज कुमार, रामप्रवेश सिंह, राजगीर विश्व कर्मा,मिथलेश पाल,सत्येन्द्र पाल,विजय चौधरी, अजित सिन्हा,नगीना देवी,निर्मला देवी,लक्ष्मी देवी,प्रतिमा, अंतिमा देवी,रेणु देवी, बिट्टू कुमार, बंटी सोनी के साथ सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे।