एन एम् सी एच के अंतर्गत संचालित नारायण स्कूल ऑफ लॉ के तत्वाधान में एक वेबीनार का आयोजन किया गया।


 गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

डेहरी /रोहतास 
गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण स्कूल ऑफ लॉ के तत्वाधान में आज दोपहर एक वेबीनार का आयोजन किया गया। वेबीनार के मुख्य वक्ता इंडियन लॉ इंस्टीट्यूट नई दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर डॉ मनोज कुमार सिन्हा ने हमारे संवैधानिक न्यायालयों द्वारा आवश्यक धार्मिक अभ्यास ,सिद्धांत और धार्मिक अभिनिर्णय विषय पर अपना मंतव्य रखा ।वेबीनार की शुरुआत गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर एम एल वर्मा ने स्वागत भाषण से किया ।इसके बाद नारायण स्कूल ऑफ लॉ के निदेशक प्रोफेसर डॉक्टर राकेश वर्मा ने मुख्य वक्ता का विस्तृत परिचय देते हुए विषय प्रवेश किया ‌वेबीनार के मुख्य वक्ता श्री सिन्हा ने अपने वक्तव्य में शिरूर मठ, मोहम्मद हनीफ कुरेशी बनाम बिहार राज्य गौ हत्या बाद ,आनंद मार्ग वाद, सबरीमाला मंदिर वाद ,सायरा बानो बनाम भारत संघ, सुनीता तिवारी बनाम भारत संघ इत्यादि की विवेचना की और संविधान निर्माण से लेकर आज तक के इसके सभी संवैधानिक और वैधानिक पहलुओं पर प्रकाश डाला और महत्वपूर्ण सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि जायज सामाजिक हित और इसके अनुपातिक पहलू हमारे धार्मिक हितों का सीमांकन करने में एक कसौटी के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि न्यायिक नीति विकसित करने के उद्देश्य से ठोस और संपूर्ण न्याय के लिए अब इस विषय पर समग्रता से देखने का समय आ गया है। कार्यक्रम का संचालन नारायण स्कूल आफ ला के सहायक प्राध्यापक देवेश कुमार ने किया जबकि धन्यवाद ज्ञापन सहायक प्राध्यापक डॉ संगीता कुमारी  ने किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया ।छात्र-छात्राओं ने मुख्य वक्ता से प्रश्न भी पूछे एवं मुख्य वक्ता ने उनका उचित समाधान भी किया।