इस बैठक को विश्व हिन्दू परिषद् नगर अध्यक्ष सिद्धांथ कुमार के नेतृत्व में हुई।


 गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

विश्व हिन्दू परिषद् बजरंग दल के तत्वावधान मे आज महान पर्व गुरु पुर्णिमा के शुभ अवसर पर स्वामी रडग्न्नाथाचार्य जी महराज अध्यक्ष श्री त्रिदण्डिदेव संत्सग आश्रम सेवा ट्रस्ट जी का फुल माला अंगवस्त्र एवं श्रीरामचरितमानस पुस्तक देकर आशिर्वाद प्राप्त किया गया। इस नेतृत्व गर संयोजक दीपक दास ने किया। गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः गुरुर्देवो महेश्वरः। गुरुरेव परंब्रह्म तस्मै श्रीगुरवे नमः।।भारतीय समाज में गुरु परंपरा कई वर्षों से चली आ रही है। हिंदू धर्म में वेद व्यास जी को प्रथम गुरु माना जाता है। वेद व्यास जी के जन्मोत्सव को ही गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है। आषाढ़ माह की पूर्णिमा के दिन ही वेद व्यास जी का जन्म हुआ था। आचार्य चाणक्य ने भी गुरु के महत्व को बताया है। आचार्य चाणक्य की नीतियों का पालन कर लोगों जीवन में सफलता प्राप्त करते हैं। आज के समय में भी आचार्य चाणक्य की नीतियां कारगर साबित होती हैं। गुरु का स्थान पिता के समान होता है। जिस तरह पिता कभी भी अपने बच्चों के लिए बुरा नहीं सोच सकते हैं। ठीक उसी तरह गुरु भी अपने शिष्य के लिए कभी गलत नहीं सोच सकता है। व्यक्ति का भविष्य गुरु ही संवारते हैं। गुरु हमेशा अपने शिष्यों को सही मार्ग दिखाते हैं। गुरु के कदमों पर चलने वाला व्यक्ति जीवन में कभी भी असफल नहीं हो सकता है। जीवन में कई बार व्यक्ति सही- गलत की पहचान नहीं कर पाता है। गुरु ही व्यक्ति को सही- गलत की पहचान कराते हैं। व्यक्ति को हमेशा अपने गुरु को पिता की समान ही सम्मान देना चाहिए। गुरु का सम्मान करने वाला व्यक्ति जीवन में कभी भी असफल नहीं हो सकता है। इस मे उपस्थित विश्व हिन्दू परिषद् धर्म प्रसार जिला प्रमुख भोला चौहान, विश्व हिंदू परिषद् जिला मंत्री अर्जुन प्रसाद केशरी, बजरंग दल जिला संयोजक गोपी कुमार, बजरंग दल नगर सह संयोजक चंदन गुप्ता, हेमंत कुमार, रवि बहादुर, दीपक मेहता, रवि प्रजापति हुए।