फोन टैपिंग प्रकरण पर ईसीआरकेयू का धिक्कार दिवस 26 जुलाई को ।

गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

डेहरी।रोहतास 
संसद के दोनों सदनों में जहाँ भारत सरकार के द्वारा कथित तौर पर फोन टैपिंग मामले को लेकर जिस तरह बवाल मचा हुआ है। उसकी आग अब देश के कोने-कोने में फैलने लगी है।विपक्षी सदस्यों ने जहां सरकार को कटघरे में खड़ा कर दिया है, वहीं अब इस तथाकथित फ़ोन टैपिंग प्रकरण को लेकर रेलकर्मियों व  उसके कर्मचारी संगठनों ने भी केन्द्र सरकार को आंखें दिखाना शुरू कर दिया है। 
ताजा मामला बिहार के डेहरी आन सोन स्टेशन से जुड़ा हुआ है। यहां के ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे कर्मचारी युनियन के  डेहरी शाखा ने फैसला किया है फोन टैपिंग मामले को लेकर डेहरी शाखा के अंतर्गत आने वाले दुर्गावती स्टेशन से जाखिम स्टेशन  ,सोननगर से सिकसिकी स्टेशन एवं गडहनी स्टेशन से सासाराम स्टेशनों के प्रमुख पांच स्टेशन क्रमश: भभूआ, सासाराम,डेहरी आन सोन, बिक्रमगंज तथा जपला स्टेशनों पर सोमवार 26 जुलाई को धिक्कार दिवस मनाया जाएगा। 
इस आशय की जानकारी देते हुए ईसीआरकेयू के उपाध्यक्ष वीरेन्द्र पासवान एवं सचिव एस पी सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि हमारे ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन के राष्ट्रीय महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा का फोन टैपिंग भारत सरकार के द्वारा कराई जा रही है।जिसको लेकर  रेलकर्मियों के बीच काफी आक्रोश है। फोन टैपिंग करना व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हनन है।फेडरेशन और यूनियन के आंदोलन को कमजोर करने की यह एक साजिश है।श्रमिकों के अधिकारों को लेकर ईसीआरकेयू और एआईआरएफ का हमेशा केन्द्र सरकार से संघर्ष होते रहा है। जिसे भारत सरकार हमारे केन्द्रीय महामंत्री शीव गोपाल मिश्रा का फोन टैपिंग  कर कमजोर करना चाहती है। जिसे किसी भी किमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। और इसी अनैतिक कृत्य के खिलाफ 26 जुलाई को ईसीआरकेयू के केन्द्रीय महामंत्री एम एन पी श्रीवास्तव एवं कार्यकारी अध्यक्ष मिथिलेश कुमार के आह्वान पर धिक्कार दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया गया है।



                                                    

                                                    वीरेन्द्र पासवान, उपाध्यक्ष ईसीआरकेयू