75 वा जन्म उत्सव केक काटकर वार्ड पार्षद के अध्यक्षता में हर्ष उल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया


 गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

डेहरी /रोहतास 
डेहरी के 12 पत्थर वार्ड नंबर 35 पासवान कॉलोनी डेहरी ऑन सोन रोहतास में रामविलास पासवान जी का 75 वा जन्म उत्सव केक काटकर पार्षद किरण कुमारी जी के अध्यक्षता में हर्ष उल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया पार्षद किरण कुमारी अपने संबोधन में कहीं की रामविलास पासवान जी का जन्म 5 जुलाई 1946 ईस्वी में हुआ ग्राम खगड़िया बिहार में हुआ छात्र जीवन से निकलकर उन्होंने प्रशासनिक विभाग एग्जाम दिया और डीएसपी का रिजल्ट उन्होंने निकाला डीएसपी का एग्जाम पास होने पर उनके माता-पिता घर वाले बहुत खुश हुए लेकिन रामविलास पासवान राजनीतिक में सक्रिय रहते थे इसीलिए उन्होंने नौकरी को छोड़ कर पहली बार 1969 में सोशलिस्ट पार्टी से विधायक बने उस समय से राजनीतिक में दलितों का सबसे बड़ा चेहरा उभर कर निकले और 1977 में पहली बार हाजीपुर से सांसद बने अपने जीवन काल में दो बार सबसे अधिक वोट से जीतकर गिनीज बुक में नाम दर्ज कराने का काम किए भारतीय राजनीतिक में एक अनोखी पहचान बना कर चले गए अंत में उन्होंने नारा दिया कि धरती गूंजे आसमान रामविलास पासवान वही भीम आर्मी के अनुमंडल अध्यक्ष सोनू खान ने सर्वप्रथम पुष्प चढ़ाकर अपने संबोधन में कहा शोषित गरीब वंचितों के आवाज थे रामविलास पासवान जिन की कमी आज हम सबको खल रहे हैं मौजूदा वर्तमान सरकार हर दिन संविधान के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं और सांसद आंख पसार कर और हाथ पर हाथ रखकर संसद भवन में चुपचाप बैठे हैं रामविलास पासवान है कैसे सख्त है जो पहली बार संसद में जाने के बाद उन्होंने देखा कि संसद के अंदर संविधान निर्माता का तस्वीर नहीं है उन्हें गंभीरता पूर्वक इस बात को सदन में उठाया और पहला मांग रखा कि संसद भवन में संविधान निर्माता डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की तस्वीर लगना चाहिए और रामविलास पासवान ने संसद के अंदर बाबासाहेब के तस्वीर को लगवाने का काम किया और उन्हें ने नारा दिया कि मैं उस घर में दीया जलाने चला हूं जो सदियों से अंधेरा है राष्ट्रीय जनता दल के युवा नेता भाई दीपक चंद्रवंशी ने रामविलास पासवान के चित्र पर पुष्प अर्पित करते हुए उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि एक बार रामविलास पासवान अपने काफी ले लेकर जा रहे थे कि उनको रास्ते में एक व्यक्ति हाथ का इशारा किया रुकने का जो व्यक्ति डोम जाति के था हाथ के इशारा देखते ही रामविलास पासवान रुक गए पासवान बोले क्या बात है डोम जाति के व्यक्ति गाड़ी रुकते ही रोने लगा और कहा कि हम जिस गांव में रहते हैं कुए पर पानी भरने जाते हैं तो लोग पानी नहीं भरने देते हैं और मुझे शूद्र कह कर अपमानित करते हैं हमारी जाति के वजह से कोई कुए के पास जाने नहीं देता है रामविलास पासवान ने गंभीरता पूर्वक बात सुनते हुए उन्होंने तुरंत ऑर्डर किया उसके घर चापाकल लगवा दिए और टेलीफोन लगवा दिए जब टेलीफोन लग गया तो उस डोमके घर ब्राह्मण राजपूत भूमिहार भी जाने लगे क्योंकि उस गांव के डोम जाति का घर पहला टेलीफोन था किसी के घर पर फोन नहीं था किसी को अगर किसी रिश्तेदार से बात करना होता था तो उसी डोम के घर जाना पड़ता था इस तरह रामविलास पासवान ने ऐसा काम किया की सारे लोग डोम  के घर जाने पर मजबूर हो गए हैं उस गांव के तथाकथित उच्च जाति के लोग जो कभी उसे पानी भरने पर जाति सूचक शब्द का इस्तेमाल कर उसको भगाने का काम उच्च वर्ग एक लोगों को भी रामविलास पासवान ने सबक सिखाने का काम किया सभा के अंत में डॉ रामायण पासवान श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए भावुक होकर बोले कि 1999 में केंद्रीय दूरसंचार मंत्री बने रामविलास पासवान ने तो अपने मंच के माध्यम से भागलपुर में रामविलास पासवान ने कहे थे कि सेल फोन अंबानी के हाथों का खिलौना था उसे मैं मंगरु चाचा के हाथों में थमा दिया उन्होंने कहा था कि मोबाइल बैगन के भाव टोकरी में बिकेगा और आज बात सच साबित हो रहा है रामविलास पासवान एक ऐसा नेता रहे जिन्होंने उन लोगों का आवाज बने जिनका कोई सुनने वाला नहीं था उन लोगों की आवाज सुनने के लिए अपने छात्र जीवन से ही तत्पर   रहते थे मौके पर उपस्थित सुरेश पासवान राजू पासवान जंग बहादुर पासवान दिलीप पासवान राकेश टाइगर अनिल ठाकुर मुन्ना कटप्पा संजय सोनी प्रमोद पासवान मनोज पासवान लवजीत रावण लॉकडाउन पासवान अनुसूचित जाति जनजाति कर्मचारी संघ के अनुमंडल अध्यक्ष शशांक शेखर पासवान लालबाबू पासवान बैंक मैनेजर शिव पासवान पप्पू पासवानबड़ी संख्या में महिला पुरुष  उपस्थित हुए