पत्रकारों के विरुद्ध झूठे मामले दर्ज होने पर राज्यों के DGP होंगे ज़िम्मेदार


 गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

डेहरी /रोहतास 

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक को स्पष्ट निर्देश दिया है कि पत्रकारों पर हुआ झूठा मुकदमा पर कोर्ट का अवमानना व राज्य के महानिदेशक पर  कार्यवाही का मापदंड बताया है। यह सुनवाई पत्रकारिता के राष्ट्रीय संगठन भारती श्रमजीवी पत्रकार संघ के दायर याचिका के बाद हुई। दायर याचिका के अनुसार  भारतीय श्रमजीवी पत्रकार संघ ने याचिका में कहा कि पत्रकारों के विरुद्ध  लगातार देश भर में कोरोनाकाल के दौरान पत्रकारों के विरुद्ध मुकदमों को गंभीरता से लिया जाए। क्योंकि पत्रकार समाज ही नहीं देश हित में अपने कार्य को करते रहें है। इस बाबत BSPS द्वारा गृहमंत्री अमित शाह को भी पत्र लिख कर संगठन ने इसे चौथे स्तंभ की निष्पक्षता पर हमला बताया। उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता श्री एपी सिंह ने उच्चतम न्यायालय में इस बाबत सुनवाई के दौरान पत्रकारों का पक्ष रखते हुए इस पर माननीय न्यायालय को संज्ञान में लेने का आग्रह किया। जिस पर उच्चतम न्यायालय ने सुनवाई के दौरान सभी राज्यों के पुलिस महानिदेशक को यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि पत्रकारों के ऊपर समाचार संकलन को लेकर झूठे मुकदमे दर्ज करने पर न्यायालय की अवमानना का मामला दर्ज किया जाएगा। उच्चतम न्यायालय के इस आदेश से देश भर के पत्रकारों ने स्वागत किया है।