डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में मनाया गया


 गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

डेहरी /इन्द्रपुरी 
डेहरीi मंडल भाजपा अध्यक्ष आनंद कुमार पांडे के नेतृत्व में शनिवार को भलवाड़ी शक्ति केंद्र के नावाडीह गांव में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में मनाया गया  सर्वप्रथम डा मुखर्जी के तैल चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया तथा सामूहिक रूप से श्रद्धा सुमन अर्पित की गई तथा भारत माता की जय का नारा लगाया गया तत्पश्चात गांव के सार्वजनिक स्थल पर वृक्षारोपण भी किया गया श्री पाण्डेय ने ग्रामीणों को उनकी जीवनी बताते हुए कहा कि डॉ मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को कोलकाता में हुआ था और उन्होंने अपनी अंतिम सांस संदिग्ध परिस्थितियों में 23 जून 1953 को श्रीनगर में ली उन्होंने अपने जीवन का प्रारंभ वकील के रूप में किया कोलकाता विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर परीक्षा में सर्वोच्च स्थान पाकर कानून का अध्ययन किया वही आनंद पांडे ने कार्यकर्ताओं को बताते हुए कहा कि डॉ मुखर्जी को अपनी श्रद्धांजलि में गुरुजी गोलवलकर ने कहा था कि अपनी मातृभूमि के लिए एक सच्चे योद्धा के रूप में कश्मीर के एकीकरण के लिए मुखर्जी बलिदान हुए श्री पांडे ने यह भी बताया की वह विकास पुरुष थे उन्होंने अपने कार्यकाल में अनेक ऐतिहासिक कार्य की एक मंत्री के रूप में डॉ मुखर्जी को सफल 4 परियोजनाओं की शुरुआत करने का श्रेय जाता है 1948 में पश्चिम बंगाल के चितरंजन में स्वचालित इंजन कारखाने की शुरुआत हुई , हिंदुस्तान एयरक्राफ्ट फैक्ट्री को लिमिटेड कंपनी के रूप में पुनर्गठित किया तभी इंडियन एयर फोर्स के लिए जेट एयरक्राफ्ट की असेंबलिंग की तथा भारतीय रेलवे के लिए स्टील रेल कोच का तथा निजी परिवहन के लिए बसों के बाहरी ढांचे का निर्माण किया गया भारत में इस्पात उत्पादन की मात्रा की मांग को पूरा करने के लिए उन्होंने 1955 में एक नए स्टील प्लांट की स्थापना की वह पहले व्यक्ति थे जो भारत की एकता तथा एकीकरण के लिए शहीद हुए मौके पर सरपंच संजय सिंह,  जीवन सिंह, सोनू सिंह, रवि कुमार, विकी सिंह, सरोज कुमार, चंदन गुप्ता, तेजस्वी सिंह समेत दर्जनों लोग उपस्थित हुए