अंतराष्टरीय नशा निषेध दिवस मनाया गया
कुमारी वर्षा कि रिपोर्ट ;-
डेहरी /रोहतास
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू कराने हेतु जिले में अवैध शराब के सेवन निर्माण बिक्री भंडार परिवहन शराब तस्करों शराब माफियाओं के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जा रही है वही रोहतास के पुलिस कप्तान आशीष भारती ने अंतराष्टरीय नशा निषेध दिवस के अवसर पर विर्क्षा रोपण कर के लोगो को जागृत किए बेशक प्रतिवर्ष 26 जून 2020 को पूरी दुनिया में अंतराष्टरीय नशा निषेध दिवस मनाया जा रहा है, मगर हर साल औपचारिकता ही निभाई जाती है। संकल्प लिया जाता है, दावे किए जाते हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीतियां बनाई जाती हैं। मगर धरातल पर कुछ नहीं होता। नशे के सेवन को रोकने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। नशा एक धीमा जहर है।
दुनिया के देशों में नशा करने वालों की मृत्यु दर भी बढ़ते जा रही है। तमाम दावों के बावजूद नशा नहीं रुक रहा है। प्रतिवर्ष लाखों लोग दुनिया में नशें के कारण अकाल मौत मर रहे हैं। पूरी दुनिया के देशों में जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं। सेमिनार लगाए जाते हैं। नशे के दुष्परिणामों के बारे में विशेषज्ञों द्वारा लोगों को सलाह दी जाती है। दुनिया में नशा करने वाले लोगों की संख्या में वृ़द्धि बहुत ही चिंताजनक है। नशा छुड़ाने के लिए नशा मुक्ति केन्द्र खोले जा रहे हैं। देशों की एकजुटता से ही नशे को रोका जा सकता है। दुनिया में नशीले पदार्थो की तस्करी की खबरे समाचार पत्रों में प्रकाशित होती हैं। नशीली दवाएं पकड़ी जाती हैं। लोग अनेको नशे किए जा रहे हैं।
आज बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक नशें के गुलाम बन चुके हैं। नशा आज स्टेटस सिबंल बन चुका है। कैसी विडंबना है कि मानव को नशें से होने वाली बीमारियों का पता है फिर भी खुद ही मौत को दावत दी जाती है। पुरुष तो नशा करते ही हैं मगर आज महिलाए भी नशें की गिरफत में आ चुकी हैं। दर्जनों प्रकार के नशों को करटे हैं। युवा पीढी़ नशें की गुलाम हो चुकी है।
दुनिया भर के युवा नशे की अंधी गलियों में भटक चुके हैं। युवाओं को बाहर निकालना हरेक का नैतिक कर्तव्य है। दुनिया में हर साल लाखों युवा नशे के कारण असमय ही मौत के आगोश में समाते जा रहे हैं। नशा निषेध दिवस पर एक संकल्प लेना होगा।