मयंक शास्त्री की रिपोर्ट ;-
बारूण(औरंगाबाद):-
औरंगाबाद जिला सहित पूरे राज्य में मानसून हावी हो रहा है। आसमान में छाये घने बादलों से भारी बारिश की संभावना जतायी जा रही है। मंगलवार को बारूण प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश हुई। वर्षा का पानी से क्यारियां भर गई है। छोटे छोटे नाले अभी से उफान पर हैं। मौसम विज्ञान केन्द्र पटना द्वारा जारी संख्यात्मक मौसम माॅडल आकलन का हवाला देते हुए केवीके सिरिस के प्रधान वैज्ञानिक नित्यानंद व कृषि मौसम वैज्ञानिक डाॅ अनूप कुमार चौबे ने आम नागरिकों को अलर्ट करते हुए कहा है कि बुधवार व गुरुवार को वज्रपात के साथ भारी बर्षा होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि उतरी बिहार तथा गंगा नदी के समीपवर्ती जिलो में 48 घंटे के अंदर अति भारी बर्षा हो सकती है। ऐसे में निचले क्षेत्र में जल जमाव बिजली व यातायात सेवा बाधित होने के साथ जान माल की क्षति होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। वर्षा के बाद नदियों का जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि होने की बात बतायी गयी है।वैज्ञानिकों ने आकाश में बिजली चमकने पर हरे पेड़ो व बिजली की खंभे से अलग हटकर पक्के मकानों में छिपने का सुझाव दिया है। कहा हैकि मेघ गर्जन तेज हवा व वज्रपात के साथ मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि 19 जून तक मौसम का अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेंटीग्रेड एवं न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेंटीग्रेड तक रहेगा। इस अवधि में डॉ नित्यानंद ने किसानों को मध्यम अवधि वाले यानी 120 से 140 दिन वाले राजेन्द्र श्वेता, सबौर अर्द्धजल, सीता, कनक, BPT -5204, MTU -1001 आदि के बिचड़ा लगाने की सलाह दिया है। बताया है कि अगर अब किसान लम्बी अवधि की प्रजातियों के बिचड़ा लगाएंगे तो फसल विलम्ब से तैयार होगा। रबी फसल की बुआई समय से नही हो पायेगा। इधर पशु वैज्ञानिक डाॅ आलोक भारती ने ऐसे मौसम में पशुओं की हिफाजत करने की सलाह दी है। इस संबंध में जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अरविंद कुमार से संपर्क करने पर बताया कि बारूण प्रखंड में सबसे अधिक 57•6 एमएम बर्षा हुई है। उन्होंने बताया कि विभिन्न प्रखंडो को मिलाकर 226•4 एमएम बारिश हुई है वैसे 24 घंटे के अंदर वर्षा का औसतन अनुपात 20•48 एमएम रहा है।
