गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-
डेहरी।रोहतास
कोरोना की दूसरी लहर में दम तोडने वाले रेलकर्मियों के आश्रितों के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल मददगार बनकर उभरी है।इस वैश्विक महामारी से मंडल भर में हुई 18 रेलकर्मियों की मौत के तुरंत बाद डीडीयू रेल मंडल के कार्मिक विभाग ने रेल प्रबंधक राजेश कुमार पाण्डेय के दिशा-निर्देश एवं वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अजीत कुमार के नेतृत्व में मृतकर्मी के सभी तरंह के भुगतान, पेंशन एवं सामूहिक बीमा आदि का लाभ उनके आश्रितों को प्रदान कर दिया।
मंडल के कार्मिक विभाग इस दौरान 3 करोड़ 51 हजार 12रूपये का भुगतान किया। अब भुगतान करने के बाद आश्रितों को नौकरी देने की कवायद तेजी से शुरू कर दी है।आश्रितों के द्वारा आवश्यक कागज़ात देने के बाद उन्हें तुरंत नौकरी में समायोजित किया जाएगा। ताकि इस आपदा की घड़ी में परिवार को राहत मिल सके।आश्रितों में पत्नी,बेटा या बेटी को आश्रित कोटे से नौकरी मिलेगी।इसके लिए सभी शाखा आश्रितों की सूची तेजी से तैयार करने में लगें हैं।कार्मिक विभाग कोरोना काल के दोनों लहरों में अपने तकरीबन 14000 रेलकर्मियों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास करते रहा।आर्सेनिक-30 दवा,भांपमशीन,थर्मामीटर,ओक्सीमीटर,सैनेटाईजर, हैंडगल्बस से लेकर उच्च कोटि के मास्क तक का भी वितरण किया।
कोरोना की पहली लहर में रेल परिचालन पर असर पड़ा था। यात्री ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह से बंद हो गया था। केवल गुड्स ट्रेनों का परिचालन जारी रखा गया था । रेलकर्मी अपनी जान की परवाह किए बिना देश भर में आवश्यक सामानों की आपूर्ति के लिए दिन-रात ट्रेनों का संचालन करते रहे।
लेकिन इस बार की लहर में कई रेलकर्मियों के सांसो की डोर टुट गई। जहां देश भर में 2000 हजार से भी ज्यादा रेलकर्मियों की मौतें हुई, वहीं डीडीयू रेल मंडल मेंभी18 रेलकर्मियों ने दम तोड़ दिया।रेलकर्मियों के मृत्यु के बाद विपत्तियों इस संकट में परिजनों के लिए डीडीयू रेल मंडल मददगार बनकर उभरा।और तुरंत ही उनकी सहायता की।
क्या कहते है अधिकारी ------
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मृतक सभी 18 रेलकर्मियों के सभी तरह के भुगतान करने के बाद आश्रितों को नौकरी देने की कवायद तेजी से शुरू कर दी गई है। आवश्यक कागज़ात उपलब्ध होते ही तत्काल नौकरी दे दी जाएगी।
