कुमारी वर्षा की रिपोर्ट ;-
डेहरी / रोहतास
जिला के रोहतास प्रखंड के पहाड़ी पर बसे रोहतासगढ़ पंचायत के लोगों की बेबसी देखें यहां के लोग आजादी के 70 साल बाद भी हर सरकारी सुविधा से वंचित है समुद्र तल से 1500 सौ फीट की ऊंचाई पर बसे इस गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र तो है मगर सिर्फ नाम के ना वहां कोई डॉक्टर है और ना ही वहां किसी प्रकार की कोई सुविधा हद तो तब हो जाती है जब वहां किसी भी व्यक्ति के बीमार पड़ने पर उसको खटिया द्वारा चार आदमी टांग कर इतनी ऊंचाई से नीचे बसे रोहतास लाते हैं और फिर इलाज कराकर उसे खटिया के सहारे वापिस ले जाते हैं यहां के स्थानीय प्रशासन विधायक सांसद जो भी जनप्रतिनिधि हैं ,सिर्फ आश्वासन देते जा रहे हैं ,लेकिन कुछ काम नहीं हो पा रहा है ,कई बार पहले भी पर्मुखता से खबर कला है ,लेकिन उस कोई करवाई नहीं हो पा रहा है ,काफी दिनों से चापाकल खराब है लेकिन घाट के नीचे का चापाकल नहीं बन रहा है जो लोग इस बरसात के मौसम में भी पानी के लिए तरस रहे (अकबरपुर )अधौरा पथ रोहतास से जो काफी दिनों से चर्चा में है लेकिन कोई ना कोई कारण से फाइल विभागीय चक्कर में उलझा रहा है ,और लोग परेशान हो रहे हैं लोग सुनते सुनते थक गए हैं ,फिर ऊपर जाने के लिए रोपवे लग रहा है ,लेकिन रोपवे तो दूर पैदल चलना भी मुश्किल है इस खड़ी चढ़ाई में किस तरह से लोग अपने मरीज को ले करके आते हैं एक महिला ने कहा दवा के लिए तरस जाते हैं हम लोग अगर कोई महिला की डिलीवरी करानी हो तो भगवान भरोसा बच्चा पैदा होता है या तो बच्चे मरे या मां अगर 100 फीट ऊंचाई से महिला पुरुष अपने सर पर गेहूं पिसाने के लिए नीचे उतरते हैं किसी भी काम के लिए इतनी दूर आते हैं जाते हैं बहुत दुश्वारियां होती है घंटे भर में उतरो घंटे भर में चढ़ाई करो रात में अचानक कोई बीमार पड़ जाता है उसे बचाने के लिए कोई भी सुविधा नहीं अक्सर लोग मर ही जाते हैं आज से 4 महीना पहले भी इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया गया था यहां तक कि यह समस्या विधानसभा में सवाल बनकर भी उठी तो वही लगभग हर अखबार के फ्रंट पेज पर थी या खबर बावजूद इसके संबंधित अधिकारियों के हिम्मत देखिए कि उसके कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है
