गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-
औरंगाबाद / पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी अजीत कुमार यादव ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में शत प्रतिशत योगदान देकर न केवल पूर्व मध्य रेल के पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के तकरीबन 14000 हजार रेलकर्मियों का सीना चौड़ा किया बल्कि औरंगाबाद जिले का भी नाम रौशन किया है। औरंगाबाद जिले के गवसगढ गांव निवासी शिव लाल सिंह के पुत्र अजीत कुमार यादव ने अपने नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवाते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के कार्मिक विभाग को बुलंदियों तक पहुँचाने में कामयाब रहे। मंगलवार को पूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक ललित चंद्र त्रिवेदी ने इन्हें 66वें क्षेत्रीय रेल पुरस्कार के समारोह में कार्मिक विभाग का मंडल रेल इंटर कालेज को बेस्ट हाई स्कूल शील्ड देकर सम्मानित किया। 2010 बैच के भारतीय रेल कार्मिक सेवा के अधिकारी रहे अजीत यादव ने कोरोना के पहली लहर में हजारों यात्रियों को मदद के लिए खूद पड़े थे और भूखे पेट सफ़र कर रहे रेल यात्रियों को स्वयं खाने की पैकेट वितरण की थी। जिसकी देश भर में चौतरफा भूरी भूरी प्रशंसा हुई थी।
सीनियर डीपीओ के तौर पर इन्होंने कोरोना के दोनो लहरों में अपने रेलकर्मियों को सुरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास किया। इनके बींच दवा वितरण से लेकर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए ओक्सीमीटर, थर्मामीटर, भांप मशीन, सैनेटाईजर, हैंडगल्बस, उच्च कोटि के मास्क आदि सभी आवश्यक संसाधनों की आपूर्ति सुनिश्चित की।रेलकर्मियों के कल्याणार्थ हमेशा तत्पर रहने वाले सीनियर डीपीओ अजीत कुमार यादव समयबद्धता और अनुशासन प्रिय अधिकारी माने जाते हैं। बतौर सीनियर डीपीओ अजीत कुमार का संबंध रेलवे के यूनियनों से भी काफी मधुरं रहा है। यही वजह है कि इनके नेतृत्व में कार्मिक विभाग को महाप्रबंधक के द्वारा सम्मानित किये जाने पर ईसीआरकेयू के केन्द्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह डीडीयू रेल मंडल के पीएनएम प्रभारी मिथिलेश कुमार, केन्द्रीय सहायक महामंत्री रमेश चंद्रा,केन्द्रीय संग़ठन सचिव बी बी पासवान ने भी खुशी का इजहार किया है।
