अस्पतालों की जगह अब सरकारी स्कूल-कॉलेजों में भी लगेगा कोरोना का टीका


 गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

बिहार में आज से 18 से 44 की आयु के लोगों का टीका देने का काम शुरू हो गया है। टीकाकरण  के पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बैठक की और स्थिति की समीक्षा की। 18 से 44 वर्ष के लोगों की बड़ी संख्या से चिंतित राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। टीकाकरण के लिए बिहार के अस्पतालों में अत्यधिक भीड़ की संभावना से चिंतित सरकार ने निर्णय लिया है कि पहले से जिन अस्पतालों-स्वास्थ्य केंद्रों में टीकाकरण किया जा रहा था अब उसकी जगह सभी लोगों का टीकाकरण की व्यवस्था विद्यालय या महाविद्यालय में की जाएगी।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देशित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण का दौर चल रहा है। इससे लोगों के बचाव को लेकर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में रविवार से 18 से 44 वर्ष के लोगों के टीकाकरण की शुरुआत की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इसके लिए पूरी तैयारी रखे। टीकाकरण केंद्र पर टीका लेने वाले लोग संक्रमित न हों इसका ख्याल रखें। उनका टीकाकरण सुरक्षित माहौल में कराएं। उन्होंने कहा कि पहले से अस्पतालों में टीकाकरण का कार्य किया जा रहा था। अब उसकी जगह सभी लोगों का टीकाकरण कॉलेज और स्कूलों में किया जाएगा।
नीतीश कुमार ने कहा कि पत्रकारों के टीकाकरण के लिए उन केंद्रों पर अलग से प्रबंध रखें। लॉकडाउन के दौरान टीका लेने के लिए लोगों को आवागमन में किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि टीकाकरण वाले स्थलों पर शौचालय, पेयजल की सुविधाओं की व्यवस्था रखें। टीकाकरण केंद्र पर सभी लोग कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करें। स्वास्थ्य विभाग टीके की उपलब्धता को लेकर लगातार प्रयासरत रहे और अधिक से अधिक लोगों को टीकाकरण कराएं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में बिहार के डिप्टी सीएम तारकिशोर प्रसाद, रेणु देवी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे, शिक्षा मंत्री विजय चौधरी समेत अन्य अधिकारी भी जुड़े थे।