गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-
डेहरी । रोहतास
डेहरी-रोहतास एनएच टू सी पर केरपा के समीप बने टोल प्लाजा हल्की आंधी में धराशाई हो गया। इस घटना में एनएच टू सी अधिकारियों पर कई सवाल खड़ा किया है। लोगों का मानना है कि भ्रष्टाचार की रेत पर बना टोल प्लाजा ने राज्य व केंद्र सरकार के विकास के दावे की पोल खोल दी है। संयोग यह था कि उस दौरान उस रास्ते से कोई वाहन नहीं गुजर रहा था। वर्ना एक बड़ा हादसा हो जाता। घटना के बाद एनएचटूसी के अधिकारी मामले की लीपापोती में जुटे हैं। पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए टोल प्लाजा की करकट वाली छत को देखकर लोग भ्रष्टाचार के आरोपों से इनकार नहीं कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि लॉकडाउन की वजह से गाड़ियां कम चल रही है, ऐसे में यह हादसा हुआ तो लोगों की जान बच गई है। अगर यह टोल प्लाजा चालू रहता और उस दौरान यह हादसा होता तो आज यहां कई लाशें बिछी होती। इतनी तेज हवा भी नहीं चल रही थी, फिर भी टोल प्लाजा का छत धड़ाम कर गिर गया है । प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बेहद तेज आवाज के साथ यह करकट नीचे की ओर गिरा । उस वक्त नीचे से कोई गाड़ी पार नहीं हो रही थी ।जिसकी वजह से बड़ा हादसा नहीं हुआ। अब ऐसे में सवाल यह उठता है कि ढंग से अभी शुरू भी नहीं हुआ यह टोल प्लाजा और इतनी जल्दी इसकी छत भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। आखिर कैसे लोगों के टैक्स वाले पैसे से सरकार के ठेकेदार खेल कर रहे हैं। एक और जहां लाखों का यह नुकसान हुआ है वहीं अगर इस हादसे में किसी की जान जाती तो मुश्किल हो जाती। तिलौथू से महज कुछ ही दूरी पर अवस्थित टोल प्लाजा की शुरुआत हालांकि अभी नहीं हुई है। एनएच टूसी के कार्यपालक अभियंता राणा प्रभास चंद्रा ने बताया कि टोल प्लाजा निर्माण की जिम्मेवारी एमजीसीपीएल कंपनी को दी गई थी। आंधी के कारण टोल प्लाजा ध्वस्त होने की सूचना मिली है। निर्माण करने वाली कंपनी अपने खर्च पर पुनः टोल प्लाजा का मजबूती से निर्माण करेगी। साथ ही इसकी जांच कर अग्रतर कार्रवाई की जाएगी।
