होम आइसोलेशन में कोरोना को मात दे रहे मरीज वृद्ध से लेकर युवा तक घरों में कोरोना को हराने में जुटे



 पुष्पा गुप्ता की रिपोर्ट ;-

डेहरी। रोहतास

वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को लेकर जहां एक ओर मौत का सिलसिला जारी है और कई लोग अब भी कोरोना का नाम सुनकर भयभीत हो जाते हैं।वहीं कई ऐसे लोग भी हैं जो कोरोना संक्रमण के शिकार होने के बाद घरों में ही रह कर होम आइसोल्यूशन विधि के द्वारा कोरोना को मात दे रहे हैं। ऐसे लोगों की संख्या हाल के दिनों में अधिक देखी जा रही है। जहां किसी परिवार में 1या2 तो किसी परिवार में पूरा परिवार संक्रमण होने के बाद भी होम आइसोलेशन के तहत कोरोना को मात दे रहे हैं। सुभाष नगर निवासी राजद विधि के प्रदेश प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष मनीष कुमार सिन्हा के पिताजी सेवा निर्मित रेल अधिकारी 78 वर्षीय एमएनपी सिन्हा,बड़े भाई 50 वर्षीय राजू सिन्हा,भाभी 35 वर्षीय प्रीति सिन्हा,भतीजा 17 वर्षीय सोनू सिन्हा,15 वर्षीय प्रेम प्रतीक ये सभी 30 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हो गए थे। एमएनपी सिन्हा का कहना है कि जब एक साथ परिवार के 5 सदस्यों का रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आया तो कुछ समय के लिए परिवार के लोग भयभीत हो गए। उनके लिए सबसे अधिक चिंता यह थी कि जहां उनके हाथ में पेश मेकर लगा हुआ है वही वर्षों से ब्लड प्रेशर का दवा भी खाते हैं। किंतु कोरोना से डरना नहीं लड़ना है तर्ज पर उन्होंने परिवार के सदस्यों के साथ हिम्मत रखा और होम आइसोलेशन में परिवार के सभी सदस्य दूरभाष से चिकित्सा लेते हुए घर में ही इलाज शुरू किया। धैर्य व हिम्मत के साथ उन्होंने कोरोना से 15 दिनों तक की लड़ाई लड़ी और आखिरकार परिवार के सभी सदस्य बिना किसी हॉस्पिटल गए कोरोना को मात दिया। जांच में परिवार के सभी सदस्यों का रिपोर्ट कोरोना निगेटिव आया और सभी पूरी तरह स्वस्थ है। कुछ इसी तरह की स्थिति न्यू डिलीया निवासी भाजपा नेता निर्दोष पांडे की परिवार की है। जहां उनके पापा राम नाथ पांडे मां मंजू देवी व छोटे भाई अमन भास्कर ने होम आई सोलेशन में इलाज कराकर कोरोना से जंग जीता हालांकि निर्दोष पांडे की माने तो एक समय ऐसा भी आया जब ऑक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता पड़ी और ऑक्सीजन सिलेंडर का भी प्रयोग किया किंतु वह परिवार के तीनों सदस्य नेगेटिव होकर पूरी तरह स्वस्थ है।