मोबाइल ऐप से हो रही बालू घाटों की निगरानी चिन्हित बालू घाटों पर दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की हुई तैनाती


 

कमलेश कुमार की रिपोर्ट ;-

डेहरी/रोहतास

शाहाबाद व मगध क्षेत्र में सरकारी अस्त्रों पर 1 मई से बंद बालू घाट के बावजूद अवैध खनन व अवैध बालू लदे वाहनों का परिचालन को लेकर किरकिरी झेल चुके पुलिस प्रशासनिक अधिकारी लगातार अवैध बालू घाट को लेकर सख्ती बरत रही है। यही कारण है किसी जिले में शायद पहली बार अवैध बालू खनन व अवैध बालू लदे वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद हो चुका है। क्योंकि बालू घाट से लेकर सड़कों तक दिन रात पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों का पहरा है। अब मोबाइल ऐप व् जीपीएस सिस्टम के माध्यम से 24 घंटे बालू घाटों की निगरानी की जा रही है। बालू घाट पर दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है। यही कारण है कि अब कहीं भी बालू लदे वाहन दूर-दूर तक दिखाई नहीं दे रहे हैं। एसडीएम सुनील कुमार सिंह ने बताया कि डीएम धर्मेंद्र कुमार के निर्देश पर डेहरी अनुमंडल व अंतर्गत सभी बालू घाटों को चिन्हित कर दंडाधिकारी के साथ पुलिस बल की तैनाती की गई है। सभी पुलिस पदाधिकारी व दंडाधिकारी के मोबाइल में एक ऐप डाउनलोड किया गया है जिसके तहत पुलिस प्रशासनिक अधिकारी जीपीएस सिस्टम पर आधारित अब प्रत्येक घंटे बालू घाट का फोटो खींचकर अधिकारी ग्रुप में डालेंगे। साथ ही गश्ती दल शहर से गांव तक भ्रमण करते रहेंगे और जहां भी बालू लदे वाहन दिखेंगे उसे जप्त कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों की पहली बार इतना अधिक शख्ती देखकर अवैध बालू कारोबारी अपने ट्रैक्टरों को छुपाने में जुटे हैं। हालांकि शहर से ग्रामीण क्षेत्र तक अवैध बालू लदे ट्रैक्टर के परिचालन थमने से कई गांव के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।