याश तूफान को लेकर अलर्ट पर इंद्रपुरी बाराज


 पुष्पा गुप्ता की रिपोर्ट ;-

डेहरी /रोहतास 

इंद्रपुरी बराज पर प्रतिवर्ष एक जून के बाद बाणसागर व रिहंद से केंद्रीय जल बोर्ड के इकरारनामा के तहत इंद्रपुरी बराज के लिए पानी छोड़ा जाता है। साथ ही प्रत्येक वर्ष मानसून भी एक जून के बाद ही आता है। इसके अलावा पहाड़ी क्षेत्र व अन्य स्थानों से भी जून महीने में थोड़ा बहुत पानी इंद्रपुरी बराज पर आता है। किंतु इस बार जहा यास तूफान के कारण बुधवार से बारिश जारी है। वही रिहंद के साथ-साथ अन्य पहाड़ी क्षेत्रों से भी बारिश का पानी इंद्रपुरी बराज पर आ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 30 तारीख तक भारी मात्रा में संभावित बारिश को लेकर जल संसाधन विभाग के अधिकारी अलर्ट मोड में है।
देर रात तक बाराज पर जमे रहे अधिकारी--
यास तूफान को लेकर राज्य सरकार ने इंद्रपुरी बराज व दुर्गावती जलाशय को लेकर अलर्ट घोषित कर पल-पल की रिपोर्ट मुख्यालय को देने को कहा है। इसी के मद्देनजर बुधवार की देर शाम से लेकर देर रात तक खुद मुख्य अभियंता ओमप्रकाश सिंह, कार्यपालक अभियंता रविंद्र कुमार समेत सभी अधिकारी इंद्रपुरी बराज पर जमे रहे। सभी तरफ से अधिकारी पल पल का रिपोर्ट लेते रहें।
नहरों में जलापूर्ति किया गया बंद--रोहिणी नक्षत्र को लेकर तय समय के अनुसार जल संसाधन विभाग ने इंद्रपुरी बराज से मुख्य नहर में 25 मई से पानी छोड़ना शुरू कर दिया था। पहले दिन शहर में तीन हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। किंतु यास तूफान को लेकर हो रही बारिश के कारण नहरों में जलापूर्ति तत्काल प्रभाव से 30 मई तक बंद कर दिया गया है। क्योंकि विभाग का मानना है, कि जहां एक ओर बारिश के कारण किसानों की नहरों का पानी का आवश्यकता नहीं है। तो वही तेज बारिश के साथ नहरों में पानी छोड़ा गया तो कई तटबंधो को खतरा पहुंच सकता है।
पालीवार अधिकारियों की हुई प्रतिनियुक्ति-- यास तूफान को देखते हुए अलर्ट मोड में जल संसाधन विभाग ने इंद्रपुरी बराज व दुर्गावती जलाशय पर पालिवार अधिकारियों को तीन सीफ्टों में प्रतिनियुक्त किया है। प्रत्येक पाली में एक एई, दो जेई व अन्य कर्मियों को प्रतिनियुक्त किया गया है। इंद्रपुरी बराज पर एई सुनील कुमार, कुमोद रंजन, धीरज कुमार त्रिपाठी समेत छह जेई की प्रतिनियुक्ति हुई है।
बराज पर पहुंचा पचास हजार क्यूसेक पानी--इंद्रपुरी बराज पर 2 दिन पूर्व 10 से 15हजार क्यूसेक पानी उपलब्ध था। किंतु गुरुवार को बराज पर 50 हजार क्यूसेक पानी पहुंचा है। जिसमें केवल 43 हजार क्यूसेक पानी झारखंड के मोहम्मदगंज बराज से आया है। जबकि रिहंद से मात्र पांच हजार क्यूसेक पानी व पहाड़ी क्षेत्रों से भी पानी पहुंचा है। जबकि इंद्रपुरी बराज से बाणसागर के लिए अब तक पानी नहीं छोड़ा गया है। गुरुवार की दोपहर से लगातार तेज गति से हो रही बारिश को लेकर विभागीय अधिकारी तनाव में दिख रहे हैं। क्योंकि अधिकारियों का मानना है, कि यदि दो दिनों तक इसी तरह मूसलाधार बारिश होती रही तो आठ जिला के लिए खतरे की घंटी बज सकती है। क्योंकि इंद्रपुरी बराज से छोड़े जाने वाले पानी का असर राजधानी पटना जिला समेत शाहाबाद व मगध क्षेत्र के 8 जिलो में पड़ता है। फिलहाल इंद्रपुरी बराज पर 50 हजार क्यूसेक पानी उपलब्ध है जो सोन नद में छोड़ा जा रहा है। जिससे नौहटा से लेकर नासरीगंज तक के तटीय इलाके के लोगों को चिंता बढ़ गई है।
अलर्ट पर अनुमंडल प्रशासन--
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ओमप्रकाश सिंह का कहना है कि चक्रवाती तूफान यास के कारण इंद्रपुरी बराज, दुर्गावती जलाशय व कैमूर जिले के कोहीयार जलाशय पर 24 घंटे पालीवार अधिकारियों से प्रतिनियुक्ति की गई है। वही एसडीएम सुनील कुमार सिंह का कहना है कि यास तूफान के कारण नदी व नहरों में नाव के परिचालन पर प्रतिबंध लगाया गया है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों से यह प्रचार प्रसार किया जा रहा है, कि मछली पकड़ने के लिए नदी व नहरों में नहीं जाए। सोन टीला को खाली किया जाए, तथा पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की व्यवस्था की जाए। तथा अनावश्यक लोग घरों से बाहर ना निकले।