कमलेश कुमार की रिपोर्ट ;-
डेहरी। रोहतास
दरिहट थाना क्षेत्र के दरिहट सोन नद में मंगलवार की दोपहर अंतिम संस्कार में गए दो बच्चों की डूब कर मौत हो गई। जबकि डूबे हुए तीन अन्य युवकों को गोताखोरों ने सकुशल बरामद कर लिया है। अंतिम संस्कार के दौरान एक साथ गांव के दो बच्चों की मौत से दरिहट डूब गांव में मातमी सन्नाटा छाया हुआ है। प्रशासन ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। घटना के बारे में बताया जाता है कि दरिहट निवासी बसंत शाह की 82 वर्षीय मां की मृत्यु मंगलवार की अहले सुबह हो गई थी। परिजनों ने शव के अंतिम संस्कार करने के लिए दरिहट सोन नद पहुंचे थे। परिजनों के साथ साथ आसपास के लोग भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए। शव का अंतिम संस्कार हो रहा था, इसी दौरान बसंत शाह का 22 वर्षीय पुत्र विकाश कुमार पड़ोस के चार अन्य युवकों के साथ सोन नद में स्नान करने लगा। जिसमें युवकों के साथ साथ बच्चे भी शामिल थे। जिन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि सोन तट पर इतनी गहराई होगी। देखते ही देखते छह बच्चे डूबने लगे। उनके चिल्लाने की आवाज सुनकर अंतिम संस्कार में शामिल अन्य लोग बचाने में जुट गए। सोन नद में नाव चला रहे गोताखोरों ने डूबे हुए छह बच्चों को बचाने के प्रयास करने लगे। जिसमें से चार बच्चों को बचाने में वे सफल हुए, किंतु दो बच्चों का शव सोन नद से बाहर निकाला गया। घटना की सूचना आग की तरह गांव में फैल गई। मृतकों में 22 वर्षीय विकाश कुमार बसंत शाह का पुत्र है। जो अपने दादी के अंतिम संस्कार में आया था। वही दूसरा बच्चा 12 वर्षीय धनजी कुमार पड़ोस के शिव कुमार राम का पुत्र है। मौके पर उपस्थित जिला परिषद अध्यक्ष नथुनी पासवान ने बताया कि दरिहट थाना की पुलिस व गोताखोरों की मदद से डूबे हुए पांच बच्चों में से तीन को सकुशल बाहर निकाल कर घर भेज दिया गया। गांव वासियों का कहना है, कि बालू माफियाओं द्वारा सोन का दशा बिगाड़ने के कारण डूबने की घटना लगातार घटती है। इधर बसंत शाह का रो रोकर बुरा हाल है। रोते बिलखते हर किसी से वह कह रहे थे कि उन्होंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मां के अंतिम संस्कार के बाद अपने बेटे का अंतिम संस्कार करना पड़ेगा। हृदय विदारक घटना से गांव के लोग मर्माहत है। बीडीओ अरुण कुमार ने बताया कि मृतक के परिजनों को आपदा राहत के तहत दोनों परिवार को चार-चार लाख रुपए दिया जाएगा।
