सुजाता कुमारी की रिपोर्ट ;-
डेहरी।रोहतास
वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण को लेकर राज्य सरकार द्वारा लगाए गए लॉकडाउन का असर धरातल के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में भी दिखने लगा है। यही कारण है कि संक्रमित मरीजों की संख्या भी कम होने लगी है। वही अनुमंडल अस्पताल में चल रहे कार्बेट केयर सेंटर में भर्ती मरीजों की स्थिति में भी दिन प्रतिदिन सुधार होने लगे हैं। बताते चलें कि कोरोना का दूसरा लहर बिहार के अन्य जिलों के साथ-साथ डेहरी शहरी क्षेत्र में भी तेजी से बढ़ रहा था। संक्रमित मरीजों के साथ साथ मृतकों की संख्या भी बढ़ रही थी। महज दो महीने में डेहरी अनुमंडल क्षेत्र में कोरोना संक्रमित 17 मरीजों की मौत हो चुकी है। जिसमें व्यवसाई, शिक्षक, अधिवक्ता, पत्रकार समेत तीन महिलाएं भी शामिल है। बढ़ते संक्रमण को देखते हुए राज्य सरकार ने 5 मई से 15 मई तक राज्य भर में लॉकडाउन जारी किया है। लॉकडाउन के सख्ती का असर है कि अब संक्रमित मरीजों की संख्या भी कम होने लगी है। महज दो दिनों के आंकड़ों पर नजर डालें तो जहां 10 मई को डेहरी में संक्रमित मरीजों की संख्या 40 थी। वही सासाराम में संक्रमितो की संख्या 16 थी। किंतु मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की सूची के अनुसार डेहरी में 12 व सासाराम में संक्रमित मरीजों की संख्या 13 है। कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए विभाग द्वारा की गई व्यवस्था पर नजर डालें तो वर्तमान में कुल 24 कोरोना संक्रमित मरीज कोविड केयर सेंटर में भर्ती हैं। यह सभी मरीज पहले से भर्ती हैं और पिछले दो दिनों से एक भी नया मरीज भर्ती नहीं हुआ है। जबकि कोविड केयर सेंटर में अब भी सात बेड खाली है। कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत होने पर एंबुलेंस से स्वास्थ्य कर्मी व नगर परिषद कर्मी पाली रोड स्थित श्मशान घाट ले जाते हैं। जहां कोविड गाइडलाइन के तहत उनका दाह संस्कार किया जाता है। समीप के औरंगाबाद जिले के कई कोरोना संक्रमित मरीज की मौत होने के बाद उनका दाह संस्कार भी डेहरी के श्मशान घाट पर किया जाता है। क्योंकि औरंगाबाद समेत कई अन्य जिलों के कोरोना मरीजों का इलाज जमुहार स्थित एनएमसीएच में चल रहा है। अस्पताल उपाधीक्षक डॉ संजीव कुमार ने बताया कि अब तक 24 कोरोना सुनकर अमित मरीजों का इलाज कोविड केयर सेंटर में चल रहा है। प्रतिदिन करीब बड़ा वाला 24 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत होती है। कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज बेहतर तरीके से किया जा रहा है।
