कमलेश मिश्रा की रिपोर्ट ;-
डेहरी /रोहतास
डालमियानगर डेहरी अनुमंडल क्षेत्र में संपूर्ण लोक डॉन लगने के बाद यहां के मजदूरों के बीच भुखमरी के कगार पर हैं, जो जनप्रतिनिधि चुनाव से पहले गांव गांव में शहर शहर में घूम कर मजदूरों से कहते थे आप लोगों के दुख और सुख में हम हाजिर हैं कहां है , जनप्रतिनिधि समाजसेवी ठेला चालक रिक्शा चालक मजदूरी करने वाले की सुधी लेने वाला कोई नहीं है ,लॉकडाउन लगने के बाद शहर में या देहात में मजदूरों का काम नहीं मिलने के कारण कारण इनके परिवार में भुखमरी की स्थिति बनी हुई है , एक तरफ कोरोना महामारी से लोगों में काफी डर बना हुआ है, वहीं दूसरी तरफ लोगों के बीच में भूखमरी का स्थिति बना हुआ है, लोग पूछ रहे हैं कहां है विधायक जी सांसद महोदय कैसे हमारे घरों की चूल्हा जलेगी जरा बताइए लेकिन राज्य में संपूर्ण लॉकडाउन लगने के बावजूद कोई भी नेता समाजसेवी जनप्रतिनिधि मजदूरों का सुधि लेने नहीं पहुंच रहे हैं, राज्य सरकार ने जन वितरण प्रणाली को निर्देश दिया है कि मई जून का मुफ्त राशन वितरण किया जाए ताकि भूख से किसी की मौत ना हो लेकिन राशन मजदूरों के बीच कब पहुंचेगा यह तो पता नहीं है विडंबना की बात है प्रतिदिन मजदूरी कर अपने परिवार और बच्चों का भरण पोषण करते थे लेकिन कहीं भी रोजगार मुहैया नहीं होने कारण दिन रात सोचते हैं कि कैसे भोजन का उपाय किया जाए ताकि परिवारों का भरण पोषण किया जा सके देखना यह है अनुमंडलीय प्रशासन क्या मजदूरों को भोजन की व्यवस्था कराती है कि नहीं संभावना बनी है कि कोरोनावायरस महामारी से कम लोगों की मौते होगी लेकिन भूखमरी से अधिक मरने की संभावना बनी हुई है,
