दीपराज की रिपोर्ट ;-
डेहरी /रोहतास
जहां एक ओर कोरोना महामारी के चपेट में आने के कारण राज्य सरकार के द्वारा सभी स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान 18 अप्रैल तक बंद किया गया है। जिसके कारण छात्रों की पढ़ाई चौपट हो गई है, इस पर चिंता व्यक्त करते हुए छात्र नेताओं ने उचित मार्ग दर्शन में इन संस्थाओं को खोले जाने की बातें कही है। बताते चलें कि सरकार के द्वारा बंद हुए शिक्षण संस्थानों के कारण छात्रों का भविष्य अंधकार में हो गया है। वही वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा के छात्रों की स्थिति और भी दयनीय है। यहां इससे संबंधित कॉलेजों की पढ़ाई लगभग वर्षों से नहीं हो पाई है। छात्र-छात्राओं ने कहा कि
बिहार की प्रसिद्ध विश्वविद्यालयों में से एक वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय की आज ऐसी दशा हो गई है कि विश्वविद्यालय के छात्र त्राहि त्राहि कर रहे। एक तो वैश्विक महामारी कोरोना ने तो छात्र -छात्राओं के जीवन को सर्वाधिक प्रभावित किया ही है। उसके अलावा वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत अपनी पढ़ाई कर रहे, छात्रों का जीवन अंधकार में है। उक्त विषय पर चर्चा करते हुए अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के संयोजक मनीष उर्फ यश उपाध्याय ने बताया कि आज विश्वविद्यालय का स्तर इतना गिरता जा रहा है कि छात्र छात्रा अपने भविष्य को लेकर न सिर्फ चिंतित हैं, बल्कि अपना नामांकन इस विश्वविद्यालय में कराकर खुद को शापित महसूस कर रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जिस तरह छात्रों के जीवन से खिलवाड़ हो रहा है वो ना सिर्फ निंदनीय है बल्कि इससे विश्विद्यालय की प्रतिष्ठा भी धूमिल ही रही है। यश उपाध्याय ने कहा कि विश्वविद्यालय की स्तिथि ऐसी हो गई है कि, न परीक्षा नियमित रूप से होती है, न ही परिणाम उचित समय से घोषित किया जाता है। पिछले कुछ सत्रों की परीक्षा भी हुई तो जैसे तैसे कर के उनका रिजल्ट जारी किया जाता है, जो त्रुटियों से भरा होता है। जिसको लेकर छात्र -छात्रा विश्विद्यालय के चक्कर काटते रहते है। जहां उनकी आवाज कोई नहीं सुनता। सत्र में विलम्ब होने से एवं अंक पत्र प्राप्त ना होने से आज छात्र छात्रा प्रतियोगी परीक्षा, बी.एड एवं अन्य परीक्षाओं में शामिल होने वंचित होते जा रहे है। जिसे लेकर छात्रों में बहुत आक्रोश है। अगर बात करे वोकेशनल कोर्सेज कि तो वोकेशनल कोर्सेज के छात्र छात्राओं को विश्विद्यालय में बस आय का श्रोत बना लिया गया, उनसे शुल्क सही समय पर तो ले लिए जाता है पर परीक्षा परिणाम से उन्हें सालों वंचित रखा जाता है। आज विद्यार्थी परिषद तानाशाही विश्वविद्यलय प्रशासन को यह कहना चाहता है कि जल्द से जल्द अगर आपने प्रवेश , परीक्षा, परिणाम को लेकर सतर्कता नहीं बरती, जल्द से जल्द स्नातक भाग 3 का रिजल्ट जारी कर अंकपत्र छात्रों तक नहीं पहुंचाया तथा अन्य परीक्षाओं को समय पर कराकर सत्र का सही संचालन नहीं किया तो विद्यार्थी परिषद् एक ऐसा छात्र आंदोलन खड़ा करेगी जो विश्वविद्यालय प्रशासन को कुंभकर्णी नींद से जागने पर मजबुर कर देगी। क्यूंकि जोर जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है।
