शादी समारोह को रोकने में पुलिस अधिकारी रहे विफल


 कमलेश कुमार की रिपोर्ट ;-

                        प्रतिबंध के बावजूद झारखंडी मंदिर में शादी के लिए पहुचे दर्जनों वर-बधू पक्ष।

                               प्रशासन के लाख मनाने के बाद भी बगैर मास्क झारखंडी मन्दिर में पहुँचे सैकड़ो लोग
डेहरी। रोहतास
कोरोना संक्रमण को लेकर सभी धार्मिक स्थल पर आम लोगों के आवागमन का प्रतिबंध है। दो दिन पूर्व अनुमंडल प्रशासन ने झारखंडी मंदिर प्रबंधन को यह सूचित भी किया था, कि किसी भी परिस्थिति में मंदिर परिसर में शादी समारोह जैसे कार्यक्रम नहीं होनी चाहिए। बावजूद गुरुवार को करीब 20 चार पहिया वाहन के साथ दर्जनभर वर वधु जोड़ी बाराती के साथ झारखंडी मंदिर परिसर पहुंचे। शाम होते-होते सैकड़ों की भीड़ झारखंडी मंदिर परिसर व बाहर में दिखाई देने लगी। सूचना मिलते ही एएसपी संजय कुमार पुलिस टीम के साथ झारखंडी मंदिर परिसर पहुंचे। उन्होंने मंदिर प्रबंधन व आसपास में किराए पर कमरा देकर शादी कराने वाले लोगों को सख्त निर्देश दिया कि किसी भी स्थिति में यहां भीड़भाड़ या किसी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं होनी चाहिए। मंदिर परिसर में शादी समारोह जैसे कार्यक्रम पर पूरी तरह प्रतिबंध है। बड़ी संख्या में पुलिस बल को देख कई वर-वधू पक्ष के लोग सामान लेकर भागने लगे। अफरा-तफरी का माहौल भी दिखा। किंतु पुलिस के लाख प्रयास के बावजूद जो वर-वधू पक्ष शादी करने आए थे। वह मंदिर परिसर में ही किसी तरह शादी-विवाह की रस्म पूरी की। भारी भीड़ के बीच दर्जनभर वर वधु पक्ष की जोड़ी मंदिर में शादी करते दिखे। इस दौरान अधिकांश लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं था। तथा हर जगह सोशल डिस्टेंस की धज्जियां उड़ रही थी। रोहतास जिले के अलावे आसपास के अन्य कई जिले से लोग वाहनों से झारखंडी मंदिर परिसर शादी वैवाहिक कार्यक्रम के लिए पहुंचे थे। मंदिर परिसर व बाहर में भीड़ को देख कुछ पल के लिए ऐसा लग रहा था। मानो कोरोनावायरस खत्म हो गया है। वहीं आसपास के लोग भीड़-भाड़ को देख कोरोना संक्रमण को लेकर भयभीत नजर आ रहे थे। सवाल यह उठ रहा था कि गाइडलाइन के साथ-साथ जिले में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमन के बीच आखिरकार भीड़ भाड़ के साथ मंदिर परिसर में वैवाहिक कार्यक्रम करना कितना उचित है। सबसे आश्चर्य की बात यह है, कि ग्रामीण क्षेत्र से आए लोग कोरोना संक्रमण को लेकर पूरी तरह से बेपरवाह दिखे। शहर के सामाजिक कार्यकर्ता गौतम कुमार, चंदन अग्रवाल, अनिकेत कुमार का कहना था, कि कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर में इस तरह के वैवाहिक कार्यक्रम पर आम लोगों को बचना चाहिए। ताकि कोरोना संक्रमण के चैन को रोका जा सके। एसडीएम सुनील कुमार सिंह ने कहा कि गाइडलाइन का उल्लंघन कर मंदिर परिसर में शादी समारोह करने वालों को चिन्हित कर कारवाई की जाएगी। फोटो 
कैप्शन-- झारखंडी मंदिर में शादी के लिए पहुंचे लोग