झोलाछाप डॉक्टर काट रहे हैं चांदी, संक्रमितो को गुमराह कर ऐठ रहे हैं पैसा

दीपराज की रिपोर्ट ;-


 डेहरी/ रोहतास

जहां जिले में कोरोना महामारी का कहर जारी है। महामारी के  रोकथाम के लिए सरकार द्वारा टीकाकरण व सामाजिक संगठनों द्वारा मास्क, साबुन सैनिटाइजर इत्यादि वितरित किया जा रहा है। इसी क्रम में सरकारी डॉक्टर, प्रशासन व समाजसेवी द्वारा सर्दी, खांसी, बुखार व बदन दर्द में लोगों को कोरोना जांच कराने का सलाह दिया रहा है। उसी क्रम में झोलाछाप डॉक्टर द्वारा लोगों को गुमराह कर पैसा ऐठते हुए देखा जा सकता हैं। एक आंकड़े के मुताबिक हर मुहल्ले, गली, चौक, चौराहे पर ऐसे डॉक्टरों की संख्या दर्जनों में मिल जाती है। जिन्हें ज्ञान का अभाव तो होता ही है, साथ में महामारी को प्रसारित करने में कम योगदान नहीं होता है। क्योंकि ऐसे झोलाछाप डॉक्टर बिना किसी सर्टिफिकेट व ट्रेनिंग के पूरे विश्वास के साथ लोगों को ठीक करने का वादा करते हैं। वह ठीक तो नहीं कर पाते लेकिन तब तक संक्रमित मरीज कई लोगों पर संक्रमण का प्रभाव डाल चुका होता है। हालांकि संक्रमण के प्रसार में लोगों का भी अहम योगदान है। क्योंकि आज भी दूरदराज व ग्रामीण इलाके के लोग कम पढ़े लिखे व ज्ञान के अभाव के साथ साथ सरकारी डॉक्टर व अस्पताल के अभाव में ऐसे लोगों के चक्कर में आराम से पड़ जाते हैं। ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के पास जगह के अभाव के साथ-साथ सफाई का भी अभाव होता है। ऐसे झोलाछाप डॉक्टर रैपर फाडकर मरीज को दवाइयां देते हैं। जिससे दवाई का नाम व कंपनी किसी अन्य को नहीं पता चल सके। ऐसे डॉक्टर मरीज को अपनी तरफ आकर्षित करने के लिए मीठी मीठी बातें करते हैं। साथ ही प्रारंभ में मरीज के साथ बड़े-बड़े वादा कर बीमारी को कम पैसे में ठीक करने का दंभ भी भरते हैं। लेकिन जैसे ही मरीज उनके चंगुल में फंस जाता है, वह उनसे मनमानी ढंग से पैसा वसूल करना प्रारंभ करते हैं। जिससे उनकी गाढ़ी कमाई का भारी भरकम नुकसान तो होता ही है, साथ ही संक्रमण तेजी से प्रसार होकर अन्य लोगों तक पहुंच जाता है तथा संक्रमित का जान जाने का खतरा भी बना रहता है। ऐसे झोलाछाप डॉक्टर महामारी व बीमारियों के दिनों में तेजी से बरसात के पानी के बुलबुले की तरह फ़ैल कर चौक चौराहे पर दिखाई देने लगते हैं। सरकार द्वारा उनके रोकथाम के लिए कभी कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। इन परिस्थितियों में ऐसे झोलाछाप डॉक्टर गरीबों का शोषण कर कभी-कभी चंपत भी हो जाते हैं। हालांकि सरकार व प्रशासन द्वारा ऐसे झोलाछाप डॉक्टर पर अंकुश लगाने के लिए अनेक प्रकार के कायदे कानून बनाए गए हैं। लेकिन ऐसे डॉक्टर सीना ठोक-कर सरकार के कायदा कानून को अंगूठा दिखाते हुए अपना कार्य भली-भांति करते हुए अक्सर नजर आ जाते हैं। लोगों को चाहिए कि, इस महामारी के प्रकोप में ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों के फरेब में न पडकर सीधे किसी अच्छे व सरकारी डॉक्टर से संपर्क स्थापित करें। जिससे उनके समस्या का समाधान बखूबी ढंग से हो सके तथा संक्रमण फैलने से बच सकें। साथ ही सरकार व प्रशासन को भी चाहिए कि ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों पर उचित कार्रवाई करते हुए उनके क्लीनिक को यथाशीघ्र बंद कराना चाहिए जिससे लोगों की गाढ़ी कमाई के साथ-साथ जानमाल की क्षति है न हो सके।