दीपराज की रिपोर्ट ;-
डेहरी/रोहतास
आज पूर्व जिलाध्यक्ष चिकित्सा प्रकोष्ठ डॉ ओ पी आनन्द ने अपने आवास प्रयाग बिगहा से प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए कहा कि, लालू जी की रिहाई की खबर से हम और हमारी पार्टी के लाखों कार्यकर्ता अपने आप को उत्साहित महसूस कर रहे है। क्योंकि आज सही मायनों में हर कार्यकर्ताओ के सर पर अपने अभिभावक लालू जी के हाथ की छांव मिल गयी है। जो काफी दिनों से हमसे बिछड़ी हुई थी। आज जब हम खुशी है तो वही बीजेपी और जदयू के नेताओं को साँप सूंघ गया है। न्यायालय के आदेश के बाद सुशील मोदी जी के द्वारा किया गया ट्वीट यही दर्शाता है कि उनमें डर और सहम आदेश होने के उपरांत पैदा हो गया है। उन्हें मालूम है कि अब वे गरीबों एवं अल्पसंख्यकों को बहुत दिन तक गुमराह नहीं कर पाएंगे किसी के कारण उनका इस प्रकार का सोशल मीडिया पर वक्तव्य आ रहा है। साथ ही हम उनसे पूछना चाहते हैं कि क्या हम गरीबों एवं अल्पसंख्यकों के सबसे बड़े रहनुमा व सबसे बड़े नेता के आने का स्वागत भी उनसे पूछ कर करेंगे क्या ? यह सभी को मालूम है कि देश के सबसे लोकप्रिय नेता लालू यादव आपलोगो से जिस दिन हाथ मिला लेते आप लोग ही उनका गुणगान करते नहीं थकते। लेकिन हमारे नेता ने ऐसा नहीं किया। वह मुश्किलों से लड़ते हुए, बिना घबराए गरीबों, अतिपिछड़ों और अल्पसंख्यकों से किये गए वादों को निभाते रहे। उन्होंने कभी हार नही मानी। ऐसे लोग, आपलोगो को क्यों पसंद आयेगे, जो अपने शासनकाल में गरीबो को पटना जैसे शहर में मकान बना कर दिए थे। गरीबों के बीच हर वक़्त पहुँच कर उनका हाल जानते थे। वे गरीबी से उभर कर आगे बढ़े थे इसलिए उन्हें पता था कि गरीबी क्या होती है। अपने समय मे वे चरवाहा विद्यालय गरीब के बच्चों को मुफ्त में पढ़ने के लिए बनवाये थे। जहां सबसे निम्न वर्ग के बच्चे पढ़ते थे।
लेकिन आपलोग तो उसका उपहास उड़ाते रहे। वे छात्र जीवन से ही हर मोर्चे पर आपसे आगे थे और आज भी हैं और हमेशा रहेंगे। चाहे आप लाख अपने मन मे द्वेष भर लीजिये।
एक तरफ हमारे मुख्यमंत्री जी है, जब उनसे पूछा गया कि लालूजी की बेल हो गयी तो वो बोलते है कि उन्हें कुछ पता नही, और यही मुख्यमंत्री सदन में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी जी को कहते है कि तुम हमारे बड़े भाई समान मित्र के बेटे हो। यह कैसे भाई है कि इन्हे भाई की ही खबर नही है। दिनेश सब पता है लेकिन यह आंख चुरा के भाग रहे है। हम पूछना चाहते हैं कि लालूजी के आने से एनडीए गठबंधन की सरकार को क्या तकलीफ है?
धन्य है वो बेटी जिन्होंने अपने पिता के लिए रमज़ान और नवरात्र दोनो किया और उनकी पुकार अल्लाह व माता के दरबार मे सुन ली गयी। आज असल मे समाज के दबे कुचले, गरीबो, अल्पसंख्यकों के आवाज़ की रिहाई हुई है। जिसे जबरन दबाया जा रहा था। इसके लिए राजद के हर एक कार्यकर्ता न्यायालय का शुक्रगुज़ार है। जिन्होंने हमारे मसीहा को हमारे बीच आने की अनुमति दी है।
