गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-
डेहरी /रोहतासडेहरी शहरी क्षेत्र में भी कोरोना संक्रमण ने कहर बारपाना शुरू कर दिया है। स्थिति यह हो गई कि 24 घंटे के अंदर पांच कोरोना संक्रमित मरीज की मौत हो गई। करुणाकरण से जारी मौत का सिलसिला अब पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मियों को भी परेशानी में डाल दिया है। स्थिति यह हो गई है, कि स्वास्थ्य विभाग की टीम अस्पतालों के साथ-साथ सोमवार से श्मशान घाट पर भी नजर रखने लगी है। 24 घंटे में 50 से अधिक नए कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं। दिन में चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी, पुलिसकर्मी, व्यवसाई, सरकारी कर्मी, महिलाएं व बच्चे शामिल है। इसके बावजूद शहरी क्षेत्र में शायद ही कहीं कोरोना गाइडलाइन का पालन किया जा रहा हो। क्योंकि कोरोना का विकराल रूप भी अधिकांश लोगों को डराने में असफल है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की माने तो 24 घंटे के अंदर जिन पांच कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हुई है। उनमें सुभाषनगर निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति, डेहरी प्रखंड कार्यालय के प्रखंड कर्मी की 42 वर्षीय पत्नी, बारह पत्थर बाबूगंज निवासी 52 वर्षीय व्यवसाई, नील कोठी निवासी 41 वर्षीय व्यक्ति एवं 50 वर्षीय उत्तर प्रदेश बनारस का एक व्यक्ति शामिल है। जिसका इलाज जमुहार स्थित एनएमसीएच में चल रहा था। सभी मृतकों के शव को पीएचसी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी अनुज चौधरी की देखरेख में सोन नद तट स्थित श्मशान घाट पर कोरोना गाइडलाइन के तहत अंतिम संस्कार किया गया। 24 घंटे के अंदर कोरोना संक्रमित 5 मरीजों की मौत ने प्रशासनिक पदाधिकारियों व स्वास्थ्य विभाग को चिंता में डाल दिया है। इधर दूसरी ओर 24 घंटे के अंदर 50 से अधिक कोरोना संक्रमित मरीजों के साथ-साथ डेहरी शहरी क्षेत्र में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या 152 पर पहुंच गई है। जिनमे एक दर्जन ऐसे संक्रमित मरीज हैं, जिनकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही हैं। बढ़ते कोरोनावायरस के बीच अब तक प्रशासन द्वारा डेहरी में क्वॉरेंटाइन सेंटर, आइसोलेशन सेंटर या किसी तरह की सरकारी इलाज की व्यवस्था नहीं शुरू की गई है। जिससे लोगों में आक्रोश है। साथ ही साथ संक्रमण के शिकार मरीजों के परिजन नेताओं से लेकर अधिकारियों को फोन कर मदद की गुहार लगा रहे हैं। हालांकि प्रशासनिक अधिकारी संक्रमित क्षेत्रों में कंटेनमेंट जोन बनाने की बात कह रहे हैं। सबसे आश्चर्य की बात यह है, कि कोरोना को लेकर लगातार स्थिति विकराल रूप धारण कर रही है। किंतु शहरी क्षेत्र में कहीं भी कोरोना गाइडलाइन की का पालन नहीं कराया जा रहा है। सरकार के निर्देश के बावजूद रात 9 बजे तक अधिकांश दुकानें खुल रही हैं। बगैर मास्क सब्जी मंडी में लोगों की भीड़ दिखाई दे रही है। प्रशासन द्वारा मास्क जांच अभियान या सरकारी गाइडलाइन का अनुपालन नहीं कराए जाने से आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की संभावना है। पिछले वर्ष कोरोनावायरस का रफ्तार धीमा होने के बावजूद लगातार संक्रमित मोहल्ले सरकारी व निजी कार्यालयों को नगर परिषद व अग्निशमन विभाग द्वारा सेनीटाइज कराया जा रहा था। किंतु इस वर्ष प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग या अग्निशमन विभाग द्वारा न तो सैनिटाइजर की व्यवस्था कराई गई है। और ना ही अब तक कंटेनमेंट जोन, आइसोलेशन सेंटर या कवारनटाइन सेंटर बनाया गया है। सोमवार को जिन क्षेत्रों से कोरोना संक्रमित मरीज पाए गए हैं। उनमें अनुमंडल अस्पताल डेहरी के स्वास्थ्य कर्मी, मकराईन अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्मी, पुलिस लाइन के कर्मी के अलावा तार बंगला, बस्तीपुर, निरंजन बिगहा, धनटोलीया मोहल्ला, पानी टंकी, राजपूतान मोहल्ला, बाबूगंज, बारह पत्थर, लाला कॉलोनी, न्यू डिलियाँ, भैंसहा, मनौरा, डालमियानगर, नील कोठी, गांधी नगर, सुभाषनगर, आयरकोठा, दरिहट के निवासी शामिल है। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया डेहरी शाखा के 5 कर्मी कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। एसडीएम सुनील कुमार सिंह का कहना है कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए सरकार के निर्देश पर गाइडलाइन का पालन कराते हुए हर संभव सभी उपाय किए जा रहे हैं।
