कमलेश कुमार
डेहरी। रोहतास
संयोजक नहर निर्माण को ग्रामीणों ने रोका अधिकारियों के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने समाप्त किया आंदोलन
करीब दो वर्शन से चल रहे पश्चमी संयोजक नहर निर्माण में अनियमितता व नावाडीह पुल के पास छठ घाट का निर्माण व नहर के दोनों किनारे सिढ़ी निर्माण को लेकर रविवार को नावाडीह व आसपास के दर्जनों गांवों के सैकड़ों ग्रामीणों ने उक्त पुल के पास पश्चिमी सोन संयोजक नहर में चल रहे पक्कीकरण कार्य को बंद कर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों का कहना है कि पश्चिमी सोन संयोजक नहर व उसके सामानांतर नहर की पेटी में ढ़लाई का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। लेकिन नावाडीह पुल के पास नहर के दोनों किनारे सीढ़ी निर्माण कार्य, छठ पूजा घाट व दशकर्म घाट का निर्माण नही कराया गया है। इसके लिए ग्रामीणों ने बीते दो साल पहले सिंचाई विभाग से नहर के दोनों किनारे सिढ़ी निर्माण, छट घाट निर्माण व शवदाहगृह निर्माण कार्य कराने की मांग किया था। लेकिन विभागीय मनमानी के कारण बिना छट घाट व नहर के दोनों किनारे सिढ़ी निर्माण कार्य किये नहर में ढ़लाई कार्य कराया जा रहा है। इससे ग्रामीण काफी आक्रोश में है। ग्रामीणों का कहना है. कि जब तक उक्त पुल के पास नहर में छट पूूूजा घाट, शवदाहगृह व नहर के दोनों किनारे सिढ़ी निर्माण कार्य नही कराया जायेगा, तब तक उक्त पुल के पास नहर के पक्कीकरण कार्य नही होगा।इसकी सूचना पर जल संसाधन विभाग के जेई राकेश कुमार ने उक्त स्थल पर पहुंचकर उग्र ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांंत कराया, व आश्वासन दिया कि सीढ़ी निर्माण कराया जायेगा, और जो भी मांग है, उसे पूरा किया जायेगा। ऐसे इसी नहर के पानी से पटवन होता है। इसके कारण जब पटवन होता है, तब नहर में काम बंद हो जाता है, जैसे जैसे काम आगे बढ़ रहा है, वैसे वैसे निदान किया जा रहा है। मार्च तक काम पूरा कर दिया जायेगा।
भलुआड़ी पंचायत के वार्ड सदस्य असलम अंसारी मंटू कुमार ने कहा कि नावाडीह पुल के पास नहर में दोनों किनारे सिढ़ी घाट नही बनाने से नहर में डुबने वाले लोग व पशुओं को चाह कर भी बचाया नही जा सकता है। लगातार घटनाए घटने के बाद विभागीय अधिकारी कान में तेल डालकर से हैं। उक्त पुल के पास दर्जनों गांव के हजारों लोग छठ पूूूजा करने के लिए आते है, लेकिन छट घाट व सिढ़ी नही होने के कारण हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इससे जानमाल की क्षति हो सकती है। ग्रामीण पंकज सिंह, रुस्तम अंसारी, हदीस अंसारी आदि ने कहा कि जल संसाधन विभाग हम सभी ग्रामीणों को मासूम समझकर बीते दो साल से बरगला रहा है। हमलोगो ने ग नहर बनाने के लिए अपना जमीन दान दे दिया है। इसके एवज में नहर से हम लोगोंं को कोई लाभ नही मिल रहा है, बल्कि आये दिन नहर में दुर्घटना होते रहता है।उक्त लोगों ने सिंंचाई विभाग के अधिकारियोंं से नहर के दोनोंं किनारे छट घाट, सिढ़ी व खेतोंं के सिंंचाई के लिए नलकूप की व्यवस्था कराने की मांंग किया है।वही नावाडीह पुल, भलुआड़ी पुल के पास श्मशानघाट बनाने की मांंग किया है। सिचाई विभाग के अधिकारियों ने आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया।
