भारतीय रेल में पहली बार निजी भागीदारी से इसमाइल पुर स्टेशन पर विकसित होगा नया गुड्स शेड, कार्यादेश जारी

                                         श्री रुपेश कुमार, वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक/डीडीयू मंडल
                                    श्री सुधांशु रंजन , वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक/डीडीयू मंडल

 

गौतम कुमार की रिपोर्ट;-

दिनांक : 18.01.2021

मंडल रेल प्रबंधक श्री राजेश कुमार पांडेय के दिशा निर्देशन में पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल (डीडीयू) माल परिवहन से संबंधित टर्मिनल क्षमता को बढ़ाते हुए रेल राजस्व में वृद्धि हेतु निरंतर कार्यरत है। इसी क्रम में डीडीयू मंडल के इसमाइल पुर स्टेशन पर निजी भागीदारी से नए गुड्स शेड की सुविधाओं की स्थापना हेतु निविदा की सभी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए चयनित फर्म को 17.01.2021 को सफलतापूर्वक कार्यादेश जारी किया गया। कार्यादेश प्राप्त फर्म द्वारा अपने निजी निवेश से इसमाइल पुर स्टेशन पर गुड्स शेड हेतु आवश्यकतानुसार मर्चेंट रूम,  श्रमिकों के लिए सुविधाएं, पेयजल की सुविधा आदि विकसित किए जाने हैं। साथ ही नए गुड्स शेड पर प्रदूषण नियंत्रण के उपाय (जैसे वृक्षारोपण, पानी का छिड़काव), साफ सफाई, रखरखाव व मरम्मत आदि भी चयनित फर्म द्वारा किया जाएगा। वरीय मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री रुपेश कुमार तथा वरीय मंडल परिचालन प्रबंधक श्री सुधांशु रंजन के साथ मंडल के बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट की पूरी टीम के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। इस उपलब्धि में अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री राकेश कुमार रौशन के साथ वरीय मंडल वित्त प्रबंधक श्री गणनाथ झा एवं मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री मोहम्मद इकबाल का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।

विदित हो कि निजी भागीदारी से छोटे और रोड साइड स्टेशनों पर नए गुड्स शेडों की सुविधाओं की स्थापना और मौजूदा गुड्स शेडों पर सुविधाओं को और विकसित करने की रेल मंत्रालय द्वारा हाल ही में जारी नीति पर कार्य करते हुए डीडीयू मंडल द्वारा चार मौजूदा गुड्स शेड यथा-सोन नगर, मानपुर, जपला, कोशिआरा तथा नए गुड्स शेड की स्थापना के लिए इसमाइल पुर स्टेशन चिन्हित किया गया है। इसमाइल पुर भारतीय रेल का संभवतः ऐसा पहला स्टेशन है जहां रेल मंत्रालय की नई नीति के अनुसार नए गुड्स शेड की सुविधा विकसित करने हेतु चयनित फर्म को कार्यादेश जारी किया गया है। डीडीयू मंडल तथा चयनित फर्म के संयुक्त प्रयासों से इसमाइल पुर स्टेशन पर नया गुड्स शेड विकसित होने से डीडीयू मंडल में लोडिंग/अनलोडिंग क्षमता में वृद्धि के साथ रेल राजस्व में बढ़ोतरी तथा श्रमिकों सहित अन्य के लिए नए रोजगार के अवसरों का सृजन आशान्वित है। साथ ही आसपास के क्षेत्र के उद्यमियों, व्यापारियों व किसानों को भी अपने माल व उत्पाद के परिवहन में सुविधा होगी।