गौतम कुमार की रिपोर्ट;-
डेहरी के विधायक फतेह बहादुर सिंह ने डेहरी प्रखंड अंचल मुख्यालय का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में अंचलाधिकारी अनामिका कुमारी की अनुपस्थिति पाई गई। विधायक फतेह बहादुर सिंह ने बताया कि ग्रामीणों के द्वारा शिकायत मिली की आज कई महीनों से दाखिल खारिज के लिए अंचल कार्यालय में दौड़ लगा रहे हैं, लेकिन कार्यालय संबंधित कोई भी कार्य नहीं हो पाते। ग्रामीणों ने सीओ पर आरोप लगाया कि सीओ अनामिका कुमारी ज्यादातर कार्यालय से गायब ही रहती हैं और जब हम लोग कार्यालय में जाते हैं तो कल कह कर समय टालते टालते महीना बिता दिए। विधायक ने सीओ से फोन पर बात की। जिसमें विधायक ने सीओ को फटकार लगाते हुए कहा कि ग्रामीणों की समस्या का यथा शीघ्र निपटारा किया जाए। इस पर सीओ ने बताई की जमीनी संबंधित समस्या से निजात कराने के लिए मेरे पास पर्याप्त अमीन नहीं है और अभी तो मात्र अंचल कार्यालय में दो अमीन है और वे 2 दिन ही सेवा दे पाते हैं। विधायक ने सी ओ से बोले की आप आम जनता से मिलने का एक समय निर्धारित करे | वैसे किसी ग्रामीणों को हमसे मिलन का सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक कार्यालय में रहने का आसवासन दी मुझसे मिलकर समस्या का समाधान करा सकते हैं। इधर विधायक ने अंचल कार्यालय का निरीक्षण करने के बाद मिली शिकायत के अनुसार सीडीपीओ कार्यालय पहुंचे। वहां भी सीडीपीओ को अनुपस्थित पाए जाने पर विधायक ने सीडीपीओ को फोन लगाया तो सीडीपीओ ने बताएं कि मैं कार्यालय से बाहर दूसरे केंद्र पर जांच करने आई हूं। यह बात सुनकर विधायक ने कहा कि अगर आप जांच करने गई है, तो मुझे वहां के लोगों से बात कराइए। इस बात को सुनते ही सीडीपीओ घबरा गई और झूठ पकड़ी गई, क्योंकि सीडीपीओ अपने घर पर थी। सीडीपीओ ने स्वीकार किया कि मैं अपने घर पर हूं। गाड़ी का चालक नहीं आने की वजह से कार्यालय नहीं पहुंच पाए। वैसे आप से आकर व्यक्तिगत रूप से बात करना चाहती हूँ । सीडीपीओ ने विधायक से अकेले में कमरे में क्या बात की यह सवाल खड़ा करने का विषय है? इस प्रकार सीडीपीओ द्वारा आंगनवाड़ी के काले कारनामे का पर्दाफाश से ग्रामीण आवाक् रह गए।
