गौतम कुमार की रिपोर्ट;-
डेहरी शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के बाजार में दीपावली और छठ पर्व आते ही पहले जैसी रौनक नहीं दिखाई दे रही है पहले त्यौहार आने से 15 दिन पहले ही बाजार में रौनक दिखने लगती थी और लोगों की भारी संख्या बाजारों में खरीदारी करते दिख जाती थी इस पर्व को लेकर के उत्साह भी काफी नजर आता था खरीदारी भी करते थे पूरा बाजार के दुकान कपड़े रंग बिरंगी मिठाइयां कैलेंडर से सजी दिखाई देती थी लेकिन इस बार सब कुछ फीका दिखाई दे रहा है लोगों के अनुसार कोरोना महामारी के कारण आर्थिक स्थिति खराब होने तथा सामानों के दाम में वृद्धि होने से लोगों को बाजार में नहीं पहुंचने से बाजार की गति मंदी दिखाई दे रही है जिसके कारण इस वर्ष बाजार में तीखापन महसूस हो रहा है कही कही दीपावली की रौनक बाजारों में दिखाई देने लगी है। दीपावली पर्व में परंपरा के अनुसार लोग अपने अपने घरों के साथ ही प्रतिष्ठानों की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। इसके अलावा डेहरी शहर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में दीपावली का बाजार सज गया है। बर्तन से लेकर सोना-चांदी, के साथ ही मोटरसाइकिल के दुकानदार धनतेरस के लिए सज गए है। इन दुकानों पर लोगों के लिए तरह-तरह की स्कीम भी उपलब्ध कराई है। शहर के डेहरी बाजार, बारह पत्थर, स्टेशन रोड, तारबंगला चौक, बीएमपी गेट सहित अन्य मुहल्लों में दीया बिजली की झालर, दिया, मोमबत्ती, गणेश-लक्ष्मी जी की प्रतिमा के साथ पर्व पर घरों और दुकानों में संजाए जाने वाली सामग्री की स्थायी और अस्थायी दुकानें सज गई है। 20 से लेकर एक हजार तक गणेश-लक्ष्मी की प्रतिमा उपलब्ध कराई गई है। इन दुकानों पर खरीददारों के पहुंचने का क्रम शुरु हो गया है। हालांकि अभी तक बाजार में खरीददारी की वह रौनक नहीं दिखाई दे रही है, जो दिखनी चाहिए। बारह पत्थर चौक के समीप दुकानदार अर्जुन केशरी का कहना है कि जैसे-जैसे पर्व नजदीक आएगा, वैसे-वैसे ग्राहकों की भीड़ बढ़ेगी। धनतेरस पर खरीददारी की धूम मचेगी।
