गौतम कुमार की रिपोर्ट;-
# बिना लाइसेंस चल रही है पटाखों की थोक दुकाने
# नियमों के ताक पर रखकर शहर के रियासी इलाके में है दुकाने अधिकारियों की आंखें बंद
# पिछले वर्ष लगी थी पठाके के दुकानों में आग
डेहरी शहर के बीच घनी आबादी वाले झाबरमाल गली में लाखों रुपए का बारूद जमा है. थोड़ी सी चूक से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है .पर जिम्मेदार लोग आंखें बंद किए हुए हैं. उनके पास इस बात का भी जवाब नहीं है कि जिन लोगों ने घनी बस्तियों में पटाखों के गोदाम बना रखे हैं. उनकी रोकथाम के लिए उन्होंने क्या किया. शहर की घनी जनसंख्या वाले विशेषकर झाबरमल गली ,जो नील कोठी, त्रिकोण मोड़ और डेहरी बाजार से जुड़ती है . मोहल्ला वासियों के लोगों को यही बात परेशान कर रही है कि घनी आबादी वाले क्षेत्र में पटाखों की दुकानें कब हटेगी यह किसी को नहीं पता .हालांकि जानकार बताते हैं कि बीच बाजार और तंग गलियों में बने पटाखों के गोदाम की जानकारी शासन-प्रशासन को है लेकिन पटाखा कारोबारियों की पहुंच और प्रलोभन के आगे सब बौने हैं .जानकारों के माने तो दुकानों के बने गोदाम में एक दो महिने पहले से लाखों के पटाखों का भंडारा शुरू कर दिया गया है. जो अब तक जारी है .यह पटाखे मुख्य रूप से मद्रास ,कोलकाता, उत्तर प्रदेश से मंगाए जा रहे हैं .जानकारों की मानें तो बारूद से पटाखों के भंडारा का बकायदा मानक तय है. लेकिन डेहरी अनुमंडल क्षेत्र में इन मनको को कहीं भी पूरा नहीं किया जा रहा है.,हाल में ही लगा था पटाखे दुकान में आग -
नियमों को ताक पर रखकर झाबर माल गली में पटाखे की दुकान खोली गई है रिहायशी इलाका होने के वजह से यहां के लोग हमेशा डरे सहमे रहते हैं एक वर्ष पहले ही यहां पर एक पटाखे के दुकान में रात्रि में अचानक आग लग गई. आग लगते ही रिहायशी इलाका होने की वजह से रात्रि में स्थानीय लोगों में मे अफरा-तफरी मच गया. स्थिति यह है कि यहां पर फायर ब्रिगेड गाड़ी भी नहीं आ सकती . क्योंकि यहां बहुत ही पतली गली है जैसे तैसे स्थानीय लोगों ने उस आग पर काबू पाया गया यह आग भयानक रूप लेती तो हजारों की जिंदगी चली जाती अभी भी यह इलाका बारूद के ढेर पर बैठा है.
पटाखा दुकान और गोदाम खोलने के नियम -
भारतीय विस्फोटक अधिनियम के तहत पटाखे की एक दुकान से दूसरे दुकान के बीच की दूरी 15 फुट से अधिक होनी चाहिए. वही गोदाम से गोदाम के बीच की दूरी के बारे में अलग से कोई दिशा निर्देश नहीं है. दुकान और गोदाम एक मंजिल पर होना चाहिए. दुकान से जुड़ा पटाखे का गोदाम नहीं होना चाहिए. दुकान में 10 बोरी बालू होनी चाहिए .जबकि गोदाम में 50 बोरी .दो बड़े ड्रामों में हमेशा पानी भरा होना चाहिए .चार से छह फायर एक्सटिंग्यूसर सिलेंडर होने चाहिए.
डेहरी में पटाखा व्यवसाय की स्थिति -
कुछ वर्ष पहले यहां पर मात्र एक दो थोक विक्रेता थे लेकिन आज यहां पर एक ही जगह पर करीब पांच ,छे थोक विक्रेता हो चुके हैं इनमें से भी किसी एक-दो के पास ही लाइसेंस है बाकी बगैर लाइसेंस दुकानें चला रहे हैं .ये पांचो दुकाने डेहरी डालमियानगर में दिवाली के दौरान डेहरी बाजार, स्टेशन रोड, डालमियानगर ,ग्रामीण क्षेत्रों के बाजारों में सैकड़ों दुकाने बिना लाइसेंस के अस्थाई दुकानें जरूर खोली जाती है. ताकि लाखों के पटाखे बाजार में बेची जा सके
क्या कहते हैं अधिकारी
एएसपी संजय कुमार ने बताया कि झाबर माल गली में अगर नियमों को ताक पर रखकर बिना लाइसेंस पटाखे की दुकान अवैध तरीके से चल रही है तो उस पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी और दुकानों को सील किया जाएगा
