कमलेश कुमार मिश्रा की रिपोर्ट ;-
बारुन प्रखंड क्षेत्र में अवैध बालू खनन व ओवरलोडेड बालू से लदे ट्रक व ट्रैक्टरों का आवागमन व परिचालन बेखौफ जारी है। जिसके कारण कई बार घटनाए दुर्घटनाए होती रहती है। इस तरह के ओवर लोडेड व अवैध बालू लदे ट्रक ट्रैक्टरों का धड़ल्ले से परिचालन होता हुआ देखा जा सकता है। यहां से निकलने वाली गाडियो की होड़ सी लगी रहती है। यही कारण है कि बालू के जल्दीबाजी में एक दूरसे में टक्कर भी होती रहती है। प्रशासनिक अधिकारी बालू माफियाओ को रोकने में बिल्कुल विफल नजर आ रहे हैं। बालू का खेल रात के अंधेरे में एवम दिन के उजाले में खुलेआम जारी रहते हैं। स्थानीय बारुण थाना क्षेत्र एवम खनन विभाग ने कई घाटो पर अवैध बालू खनन पर रोक लगा दिया है। उसके बावजूद भी अवैध बालू खनन एवम डंप का खेल जारी है। ज्ञात सूत्रों के अनुसार अवैध बालू रात में ट्रको पर भर कर दूसरे राज्यों में भेजा जाता है और रात के अंधेरे में उत्खनन एवं डंपिंग का खेल सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ शुरू हो जाता है। एक तरफ जहां खनन विभाग के अधिकारी के आदेश का उल्लंघन किया जा रहा है, तो दूसरी तरफ हर रोज लाखों रुपए राजस्व की चोरी की भी की जा रही है। बताते चलें कि बारुण थाना क्षेत्र में बालू के ओवरलोड ट्रक एवं चालान की जांच को लेकर एक चेक पोस्ट भी बनाया गया है। इसके बावजूद भी अवैध बालू का काला कारोबार जारी है। इससे साफ जाहिर होता है कि, प्रशासन द्वारा किया गया कार्य नाकाफी है। रोज क्यों रहता है हाईवे जाम
औरंगाबाद जिला प्रशासन के आदेश के बाद चेक पोस्ट बनाया गया था। जहां पर खनन विभाग के पुलिस के जवान के अलावे मजिस्ट्रेट की भी तैनाती की गई थी, लेकिन अवैध बालू कारोबारियों द्वारा लाखों रुपए के राजस्व का हर रोज चपत लगाया जाता है। अवैध एवं ओवरलोड बालू लादने के कारण ट्रक वाले जल्दीबाजी में निकलना चाहते हैं। जिसके कारण प्रायः हादसे एवं जाम की स्थिति बनी रहती है। आम जन एवं सड़कों को खतरा
अवैध एवं ओवरलोडेड बालू की ढुलाई के कारण, कई जगह सड़कों पर गड्ढे बन गए हैं। तेज रफ्तार में बालू के वाहन के परिचालन के कारण कई बार हादसे होते हुए भी देखे गए हैं। इस परिचालन से आम जनों एवं सरकार को काफी घाटा हो रहा है। इसके लिए प्रशासनिक अधिकारी एवं सरकार को कड़ा से कड़ा कानून बनाना चाहिए। जिससे प्रकृति के दोहन को बचाया जा सके।
