केंद्र के खिलाफ रेल यूनियन ने निकाली मशाल जुलूस, किया विरोध प्रदर्शन



गौतम शर्मा 


डेहरी, रोहतास ।

अॉल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन के आह्वान पर ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के डेहरी शाखा की ओर से रेलवे के निजीकरण और निगमीकरण के विरोध में शुक्रवार को मशाल जुलूस निकाली गई और जुलूस के माध्यम से केंद्र सरकार के द्वारा  रेलवे के निजीकरण से होने वाले नुकसान के बारे में रेलकर्मियों एवं आमजनों को बताया गया । मशाल जुलूस रेलवे के विभिन्न रेल कॉलोनियों एवं कार्यालयों से होते हुए स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में सभा में तब्दील हो गई। जहां वक्ताओं ने  चेतावनी दी कि यदि  निजीकरण को नहीं रोका गया तो रेल कर्मचारी उग्र आंदोलन करेंगे।सभा को संबोधित करते ईसीआरकेयू के डेहरी शाखा सचिव एस पी सिंह ने कहा कि सरकार मनमानी करते हुए जन विरोधी कार्य करने पर उतारू है ।लिहाजा इन्हें माकूल जबाब देने की आवश्यकता है।इस आन्दोलन को जन आंदोलन बनाने की जरुरत है।भारतीय रेल के कर्मचारी कुशल हैं और उनसे बेहतर ट्रेनों का संचालन कोई और नहीं कर सकता। प्रतिवर्ष पांच से छह सौ कर्मचारी हादसे का शिकार हो जाते हैं लेकिन आज तक संचालन पर असर नहीं पड़ा।भारतीय रेल अबतक के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रही है।जो कर्मचारियों की वजह से नहीं ।सरकार की वजह से पैदा हो रही है ।कोरोना काल में रेल कर्मचारी देश की सेवा में लगे थे। उसी वक्त सरकार ने एकतरफा फैसला करते हुए कर्मचारियों के डीए को फ्रीज कर दिया।वहीं ईसीआरकेयू के डेहरी शाखा अध्यक्ष रमेश चन्द्रा ने कहा कि विश्व के अन्य देशों का उदाहरण हमारे सामने हैं। जहां भी रेलवे का निजीकरण हुआ है मुश्किलें बढी है। अब दोबारा रेलवे का राष्ट्रीयकरण किया जा रहा है।कहा कि भारत में 109 रूटों पर 150 ट्रेनों का संचालन प्राइवेट ऑपरेटरों को देने की बात हो रही है । जब रेल कर्मचारी प्रीमियम क्लास ट्रेनों का संचालन करने में सक्षम है। तब प्राइवेट ऑपरेटरों को संचालन की जिम्मेदारी देना समझ के परे है। सभा में  रेलवे को निजी ऑपरेटरों के हाथों में सौंपने, उत्पादन इकाइयों के निजीकरण, रेल कर्मचारियों को जबरन सेवानिवृत्त करने,50 प्रतिशत पदों को सरेंडर करने की नीतियों का निंदा की गई और इस जनविरोधी व श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ आमजनों व रेलकर्मियों को जागरूक करने के लिए बडे पैमाने पर जनांदोलन चलाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया गया। तथा अन्य मांगों के समर्थन में 14 सितंबर से चलाया जा रहा जागरूकता अभियान के  अंतिम दिन बड़े पैमाने पर काला बिल्ला लगाकर सभी स्टेशनों और कार्यालयों में कार्यरत रेलकर्मियों से केंद्र सरकार के श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ शामिल होने की अपील की गई। सभा में ईसीआरकेयू के कार्यकारी अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह, सीनियर सेक्शन इंजीनियर उपेंद्र नारायण ,विजय बहादुर, प्रमोद कुमार यादव, अमरेश कुमार सिंह, अमरेन्द्र सिंह, जमींदार प्रसाद, धरमू एक्का, धर्मेन्द्र कुमार, सुरेन्द्र कुमार, पुरूषोत्तम पासवान, गांधी पासवान, रितेश पासवान, संजय पासवान, हितेश कुमार, स्टेशन मास्टर शशि भूषण यादव सहित सैकड़ों रेलकर्मी उपस्थित थे।