लॉटरी के मकड़जाल फस बर्बाद हो रहा है युवा पीढ़ी

 अशोक कुमार सिंह (दरिहट)

#  डिहरी से जुड़ा है लॉटरी के धंधा का तार

अकोढीगोला (रोहतास) स्थानीय बाजार समेत कई गावो में अवैध लाँटरी का धंधा खूब फल फूल रहा है.  यहां लाखो रुपये की रोज कारोबार होता है. रातो रात करोड़पति बनने के चक्कर मे युवा इसमें फसते जा रहे. नतीजन लॉटरी के मक्कड़ जाल में फस कर युवा पीढ़ी  बर्बाद हो रहा है. युवा लॉटरी के टिकट को खरीद अमीर बनने का सपना संजोय कुछ करने को उतारू रहते है. पहले घर की जमा पूंजी खर्च करते है. जब स्थिति फटेहाली की होती है तो पैसे के लिए गलत कार्यों तैयार हो जाते है. बिते दिनों बाइक चोरी के कई मामले में स्थानीय युवाओं की संलिप्तता मिली है. लॉटरी का यह धंधा सुबह सुबह चाय व पान दुकानों पर सजती है. वहां लॉटरीबाजो की भीड़ बढ़ने लगती है. वे लोग खरीदे हुए लॉटरी के टिकट की इनाम के सूची के साथ मिलान करते है. जिन्हें लॉटरी मिला तो खुशी से और ज्यादा टिकट खरीदता है. और जिन्हें नही मिला वह अपनी अगली बारी इनाम के हकदार समझ लॉटरियों की गड्डीयो से अपने लकी नम्बर खरीदते है. लॉटरी एजेंट डिहरी से डालमियानगर व अकोढ़ीगोला रोज पहुचाते है. 10 से 100 रुपये तक का टिकट बिकता है. इस लॉटरी के मक्कड़जाल में शहर के साथ गाव के युवा फस रहे है.कहते है लोग : धर्मेंद्र कुमार,  प्रमोद कुमार सिंह, अरुण कुमार का कहना है कि क्षेत्र मे अवैध लाँटरी का धंधा विस्तार रूप ले चुका है. इसका आदत एक नशा के समान होता है. इस लत से युवा बर्बाद हो रहे है. खासकर युवा अमीर बनने के चक्कर मे जमीन जयदाद बेच रहे है. जितेंद्र कुमार, रमेश सिह,  सुनील कुमार आदी ने बताया कि इस कारोबार के विस्तार के पीछे पुलिस प्रशासन की अनदेखी है.  पुलिस प्रशासन अवैध कारोबारियों के प्रति सहज नजर आती है.

कहते है अधिकारी : थानाध्यक्ष प्रभात कुमार का कहना है कि लॉटरी के धंधा के बारे में ज्यादा जानकारी नही है. अगर ऐसा है तो पुलिस छापेमारी कर धंधेबाजों को पकड़ेगी. लॉटरी के धंधेबाजों को चिन्हित कर कारवाई की जायेगी. क्षेत्र में अबैध कारोबार पर  पुलिस सजग है.