मयंक कुमार
बारूण(औरंगाबाद):- बारूण प्रखंड में खाद को लेकर शुक्रवार को हाहाकार मचा हुआ है। इस लॉकडाउन में सैकड़ों की संख्या में खाद की किल्लत से परेशान किसान यहाँ तक की महिलाएं भी पौ फटते ही लाइन में लग जा रही हैं। बारूण बिस्कोमान गोदाम के सामने सैकड़ों की संख्या में किसान जिसमें पुरूष महिलाएं दोनों शामिल हैं। लगभग 1 किलोमीटर की लाइन लगाकर सुबह से ही महज एक बोरी खाद मिलने की उम्मीद में बैठे हुए हैं। किसानों से पूछने पर बताया कि बारूण प्रखंड में कहीं भी खाद नहीं मिल रहा है। बिस्कोमान द्वारा पुरे दिन में मात्र 10- 20 आदमी को खाद देकर बंद कर दिया जा रहा है और 'कल मिलेगा' कहते हुए कर्मचारी ताला बंद कर चले जाते हैं। किसानों ने यह भी बताया कि वे कई दिनों से इसी तरह लाइन में लग कर खाद मिलने की उम्मीद में आ रहे हैं, फिर भी उनको निराशा ही मिल रही है। खाद नहीं मिलने से धान की फसल बर्बाद हो रही है। शुक्रवार को भी सुबह 5 बजे से लाइन में खड़े लोगों ने बताया कि यहां सुनने के लिए कोई तैयार नहीं, जिन किसानों की पहुँच पदाधिकारियों के पास है उनको 20 बोरा खाद दे दिया जा रहा है। बाकी आम किसान लॉकडाउन में अपनी जिंदगी खतरे में डाल कर फसल को बचा लेने के लिए परेशानी से जूझ रहे हैं। किसानो और स्थानीय नेताओं के हंगामे के बाद बिस्कोमान पहुंचे बारूण बीडीओ आशुतोष कुमार ने पूछे जाने पर बताया कि ' हम कुछ नहीं जानते हैं इसके बारे में बीएओ साहब बताएँगे। हम यहाँ व्यवस्था देखने के लिए आये हैं। कितना खाद का दुकान बारूण में है। इसकी जानकारी उनको नहीं है, ये डीएओ और बीएओ का काम है। " झल्लाते हुए बीडीओ ने कहा कि वो सिर्फ भीड़ देखकर यहाँ आये हैं। बारूण सीओ बसंत कुमार राय ने कहा कि जितने भी दुकान बरून में हैं बीएओ से बात करके उनको खुलवाया जायेगा। जाप नेता भोला यादव ने खाद के दुकानदारों द्वारा खाद ब्लैक किये जाने का मुद्दा उठाया तथा कहा कि किसानों से खाद का ज्यादा मूल्य लिया जा रहा है।
